मानव रचना मनुष्य में मानव तत्व की अभिव्यक्ति: राज्यपाल

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Faridabad/ Alive News: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मानव रचना एजुकेशनल इंस्टिट्यूट (एमआरईआई) ने ‘‘शिक्षा की स्वायत्तता पर राष्ट्रीय सम्मेलन’’ आयोजन किया।इस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होकर समारोह की षोभा बढ़ाने वाले हरियाणा के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने मानव रचना एजुकेशनल इंस्टिट्यूट के अध्यक्ष डाॅ. प्रषांत भल्ला तथा शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के सचिव अतुल कोठारी के साथ कई दिग्गजों को पुरस्कार प्रदान किए। इस मौके पर अन्य हस्तियों के साथ एमआरईआई के उपाध्यक्ष डाॅ. अमित भल्ला तथा पदम्श्री डाॅ. प्रीतम सिंह भी उपस्थित थे।


इस प्रतिष्ठित मंच पर सम्मानित होने वाले विभिन्न उद्योग क्षेत्र के पांच दिग्गजों में राजन नंदा, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एस्कॉट ग्रुप, (जिन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया गया), आर. सी. भार्गव, अध्यक्ष, मारुति सुजुकी (राष्ट्रीय निर्माण के लिए), दिनेश कुमार सर्राफ, अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, ओएनजीसी (कॉर्पाेरेट और उद्योग के लिए), श्रद्धा सूरी, एमडी, सुब्रोस ग्रुप (युवा नेत्री के लिए) और पुसरला वेंकट सिंधु, बैडमिंटन चैंपियन (‘‘भारत के स्पोर्ट्स आईकन’’ के रूप में अनुकरणीय योगदान के लिए) शामिल हैं। नंदा ने व्यावहारिक नेता के रूप में एक प्रतिष्ठित संस्था के रूप में एस्कॉट की स्थापना करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भार्गव के सक्रिय नेतृत्व और रणनीतिक योजना ने आज मारुति को बाज़ार में निर्विवाद रूप से अग्रणी बना दिया। सुरी के सक्षम नेतृत्व के जरिए भारत के सर्वाधिक मूल्यवान सार्वजनिक उपक्रम ओएनजीसी ने कई गुणा प्रगति की। श्रद्धा सूरी मारवा कॉर्पाेरेट जगत में एक प्रतिष्ठित हस्ती हैं और वह अपनी टीम के सदस्यों के लिए प्रेरणा का स्रोत रही है। पुसरला वेंकट सिंधु, जिन्हें पीवी सिंधु के नाम से भी जाना जाता है, ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गईं और वह भारत का चैथा सबसे प्रमुख नागरिक सम्मान प्राप्त करने वाली सबसे युवा खिलाड़ी है।


इस अवसर पर मानव रचना शैक्षिक संस्थान के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत भल्ला ने कहा कि ‘‘हमारे संस्थापक पिता डॉ. ओ. पी. भल्ला ने बेहतर मनुष्य बनाने के उद्देष्य के साथ ‘मानव की रचना’ की। आज आयोजित इस अभूतपूर्व आयोजन के माध्यम से, हम अदम्य भावना, अद्भुत व्यक्तित्व और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों की व्यापक दृष्टि को पहचानने पर गर्व महसूस करते हैं। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्र निर्माण के दर्शन को ध्यान में रखते हुए, एमआरईए 2017 युवाओं को देश को उस ऊंचाई पर ले जाने के लिए प्रेरित करेगी जितनी उंचाई पर पहले कभी देखा नहीं गया था।’’
शिक्षा की स्वायत्तता पर राष्ट्रीय सम्मेलन में अपने महत्वपूर्ण भाषण में, जिसमें पुरस्कार समारोह आयोजित किया गया था, महामहिम प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा, ‘‘मानव रचना मनुष्य में मानव तत्व की अभिव्यक्ति है। सरकार आ सकती है और जा सकती है, लेकिन राष्ट्र हमेशा के लिए होता है। और इसमें हमारी पहचान, संस्कृति और सभ्यता सबसे महत्वपूर्ण है जिसके लिए शिक्षा की भूमिका और इसके पीछे के लोगों को किसी भी प्रकार से कमतर नहीं आंक सकते हैं। वास्तव में परंपरागत मूल्यों पर केंद्रित जीवन शैली के माध्यम से ही वास्तविकता, स्वायत्तता, शांति और समृद्धि प्राप्त की जा सकती है, जिस के स्तंभ पर भारत की हमारी संस्कृति और सभ्यता टिकी है।’’
सम्मेलन के समापन समारोह में एमआरईआई के एमडी, डॉ संजय श्रीवास्तव द्वारा लिखित पुस्तक ‘द टाइमलेस विजडम फ्राॅम गीता एंड द आर्ट ऑफ लीडरशिप’ पुस्तक के विमोचन के दौरान भी उन्होंने भगवद गीता के गुणों के बारे में बताया।

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