RTI अधिनियम को फेल करने में जुटे अधिकारी

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आरटीआई अधिनियम का मजाक बना रहे अधिकारी : रविन्द्र चावला

Faridabad/Alive News : नगर निगम अधिकारी आरटीआई अधिनियम का मजाक उड़ाने में लगे है। सूचना मांगने वाले आरटीआई एक्टिविस्ट को एक तो समय पर जवाब नहीं देते। अगर, आरटीआई एक्टिविस्ट प्रथम अपील करता भी है तो उसे हेयरिंग की डेट से एक दिन पहले लेटर लिखकर सूचना दी जाती है और सरकारी तंत्र की लापरवाही की वजह से वह लेटर आरटीआई एक्टिविस्ट तक हेयरिंग की डेट निकलने के 4 दिन बाद पहुंचता है।

निगम के आरटीआई विभाग की लापरवाही उस समय सामने आई जब आरटीआई एक्टिविस्ट को 15 जून 2018 को हेयरिंग की डेट दी गई थी, और उसे हेयरिंग के लिए लेटर 19 जून को मिलता है। एनआईटी नगर निगम जोन में आरटीआई एक्टिविस्ट रविन्द्र चावला ने एक आरटीआई 21 अप्रैल 2018 को दस बिन्दुओं की जानकारी के लिए लगाई थी। जिसमें उन्होंने नगर निगम के मेडिकल हेल्थ ऑफिसर(एमएचओ) की नियुक्ति, उनकी डयूटी और योगयता की जानकारी और प्राइवेट स्लॉटर हाउस के साथ ही सरकारी स्लॉटर हाउस की जानकारी सहित विभिन्न बिन्दुओं पर जानकारी मांगी थी।

समय से जानकारी न मिलने पर रविन्द्र चावला ने फस्र्ट अपील एसपीआईओ को लगाई जिसमें एसपीआईओ ने आरटीआई एक्टिविस्ट को 14 जून 2018 मतलब, एक दिन पहले लेटर लिखा और 15 जून 2018 को हेयरिंग के लिए बुलाया था। वह लेटर डाक विभाग के स्पीड पोस्ट से रविन्द्र चावला को 19 जून को प्राप्त होता है। जोकि हेयरिंग डेट के 4 दिन बाद है। इस लापरवाही से लगता है कि सूचना के अधिकार अधिनियम का नगर निगम अधिकारी मजाक बना रहे है और आम जन के इस हथियार को फेल करने में कोई कोर कसर नहीं छोडऩा चाहते है।

– क्या कहते है आरटीआई एक्टिविस्ट
नगर निगम के अधिकारी सूचना के अधिकार अधिनियम का मजाक उड़ा रहे है।

इस लापरवाही को लेकर मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार को लापरवाह अधिकारियों की शिकायत की है और जल्द ही आरटीआई ऐसोसिएशन भी ऐसे लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कानूनी तरीके से जवाब-तलब सरकार से करेगी।
– रविन्द्र चावला, आरटीआई एक्टिविस्ट।

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