Faridabad/Alive News : निगमायुक्त के कंट्रोल रूम को फैल करने में नगर निगम के अधिकारी पिछे नही हैं। शहर में बरसाती सीजन से निपटने के लिए निगमायुक्त ने नगर निगम में एक कंट्रोल रूम का गठन किया था। यह कंट्रोल रूम नगर निगम क्षेत्र में टूटी सडक़े और गढ्ढों में भरे पानी, जलभराव की समस्या के तुंरत निवारण के लिए बनाया गया है। कंट्रोल रूम पर लगातार शिकायतें आ रही हैं।

लेकिन जेई और एसडीओ निगमायुक्त के कंट्रोल रूम को फैल करने में लगे हुए है। 28 जुलाई को जलभराव और सीवर के खुले ढक्कनों को बंद करने की शिकायत वार्ड-9 से दी गई थी। एक सप्ताह बितने के बाद भी जेई और एसडीओ ने कंट्रोल रूम में दी शिकायत पर अभी तक कोई कार्यवाही नही की है।

हालांकि कंट्रोल रूम में शिकायत देने के बाद शिकायतकर्ता के पास जेई मनीष शहरावत का फोन आता है, और छुट्टियों के बाद काम करने का आश्वासन देते हैं और शिकायतकर्ता को जेई द्वारा दो दिन बाद काम होने की बात सुनकर जल्द समस्या के निदान के लिए कहते हैं, लेकिन जेई साहब ने फोन का हवाला देकर कहा कि आज शनिवार को छुट्टी होने के बाद भी आपकी शिकायत के लिए मैंने फोन किया है, यह काफी नही हैं। हालांकि निगमायुक्त ने सभी अधिकारियों को छुट्टी वाले दिन भी काम करने के आदेश दिए हुए थे।

उक्त जेई ने नगरनिगम कमिश्रर के आदेशों को भी दरकिनार कर शिकायतकर्ता की समस्या का एक सप्ताह बाद भी समाधान नही किया है। नगर निगम के जेई, एसडीओ मनमानी पर उतारू हैं। भाजपा सरकार को प्रदेश से चलता करने में मनीष शहरावत जैसे अधिकारी कोई कोर कसर नही छोड़ रह हैं।

ऐसे अधिकारियों को सरकार जब तक काम करना नही सिखाएगी, तब तक ऐसे अधिकारी मुफ्त में जनता की गाढ़ी कमाई को चुसते रहेगेंं। इस संबध में नगर निगम कमिश्रर और एक्सईएन श्याम सिंह से पक्ष जानना चाहा लेकिन फोन बिजी होने के कारण बातचीत नही हो पाई।

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