राष्ट्रीय शिक्षा दिवस : शिक्षा गरीबी को काटने की सबसे सक्षम तलवार

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Faridabad/Alive News: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर समाज के प्रत्येक व्यवसाय से जुड़े नागरिक ने कहा कि शिक्षा सभी का अधिकार है। शिक्षा से ही व्यक्ति का मानसिक व बौद्धिक विकास होता है। कुछ शिक्षाविदों का मानना है कि पहली से दसवीं तक की शिक्षा हर मनुष्य की जीवन का सही में आधार है और शिक्षा ही मनुष्य का मार्गदर्शन करती है। समाज में नैतिक शिक्षा की कमी हो रही है, सभी शिक्षक बच्चों में नैतिक शिक्षा को बढ़ाए। अभिभावक बच्चों की मनोस्थिती को समझे। अंकों की दौड़ से बच्चों को दूर रखे। नैतिक ज्ञान को बढ़ावा दे।

क्या कहना है शहर के शिक्षाविदों का
पहली से दसवीं तक की शिक्षा हर मनुष्य की जीवन का सही में आधार है और शिक्षा ही मनुष्य का मार्गदर्शन करती है। विद्यार्थी का कर्तव्य शिक्षा प्राप्त करना है।

और अध्यापक का प्रथम कर्तव्य विद्यार्थी के जीवन से अज्ञानता के अंधकार को दूर करना है तो शिक्षण संस्थान का कर्तव्य धन अर्जित करना नहीं अपितु अच्छा इंसान बनाना हैं। तभी सतयुग दोबारा आ जाएगा।

-डॉ अमृता ज्योति, श्रीराम मॉडल स्कूल, फरीदाबाद। 

हमारे समय में शिक्षा ग्रहण करने का माध्यम आज के समय से अलग था। हम तख्ती और स्लेट से लिखाई को सृजनात्मक करने के लिए अधिक जोर दिया जाता था जो जीवन में आज भी हमारे साथ चल रही है। आज के विद्यार्थियों के लिए लैपटॉप और कक्षाओं में स्मार्ट क्लास चलती है जो आधुनिक समय की मांग है। लेकिन इन् उपकरणों से कम उम्र में बच्चों के आँखों और मस्तिष्क पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इस से बच्चों की आँखों पर प्रभाव पड़ रहा है। इतना ही नहीं ये उपकरण आधुनिक पीढ़ी में शारीरिक पतन का कारण बन रहे है। ये उपकरण बच्चों को परिवारों से अलग कर रहे है। ये भी कहा जा सकता है कि बच्चों का नैतिक पतन हो रहा है। यह सही संकेत नहीं है। हमारी नैतिक शिक्षा आज के ज़माने से ज्यादा अच्छी रही है। मैं समाज को यह सन्देश देना चाहता हूँ कि समाज में नैतिक शिक्षा की कमी हो रही है, सभी शिक्षक बच्चों में नैतिक शिक्षा को बढ़ाए। अभिभावक बच्चों की मनोस्थिती को समझे। अंकों की दौड़ से बच्चों को दूर रखे। नैतिक ज्ञान को बढ़ावा दे।
-भारत भूषण शर्मा, कुंदन ग्रीनवैली स्कूल, बल्लबगढ़। 

पहले तो मैं, नेशनल एजुकेशन डे की सभी शिक्षक और बच्चों को शुभकामनाएं देती हूँ। शिक्षा जीवन में उपयोगी हथियार का काम करती है जो ताउम्र काम आती है। बचपन में ग्रहण की गयी आधारभूत शिक्षा चाहे वह किताबों से लिया हुआ ज्ञान हो या फिर दादा- दादी, नाना-नानी और माता- पिता से लिए हुए संस्कार अंतिम समय तक जीवन को सर्वश्रेष्ठ बनाते है।

नेशनल एजुकेशन डे पर मेरा उन सभी अभिभावकों से अनुरोध है कि बच्चों की नैतिक शिक्षा पर अधिक ध्यान दे जिससे वह समाज के जिम्मेदार नागरिक बन सके।
-ममता भड़ाना, रोज वैली इंटरनेशनल स्कूल। 

शिक्षा हर इंसान की जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हर इंसान को शिक्षा पाने का अधिकार है। हम समाज के जितने प्रबुद लोग है हम सबको मिलकर बच्चों को शिक्षित करने की ओर ध्यान देना चाहिए और जो बड़े भी हो गए है और जिन्हे शिक्षा नहीं मिली है उन्हें शिक्षित करना चाहिए जिससे विकसित सोच के लोग बनेंगे जिससे किसी भी काम को सही ढंग से करना, समझना सीखेंगे। लोग कहते हैं गरीबी है, मैं कहती हूँ शिक्षा गरीबी को काटने की सबसे सक्षम तलवार है। मेरा अपील है कि शिक्षा का व्यापारीकरण नहीं होना चाहिए। हमारे संविधान में भी लिखा है कि शिक्षा हमारा मौलिक अधिकार है। शिक्षा के लिए ड्राफ्ट तैयार हो रहा है। प्राइवेट स्कूलों में अच्छी शिक्षा दी जा रही है। अगर वो अच्छी शिक्षा सरकारी स्कूलों में मिलने लगे तो प्राइवेट स्कूलों में मिलने वाली शिक्षा का व्यापारीकरण भी खत्म हो जायेगा।
-ज्योति दहिया, डीएवी पब्लिक स्कूल, एनएच-3

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