महारानी वैष्णोदेवी मंदिर में ‘मां शैलपुत्री’ की भव्य पूजा अर्चना से नवरात्रों शुभारम्भ

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Faridabad/Alive News : महारानी वैष्णोदेवी मंदिर में नवरात्रों की धूम आरंभ हो गई है। प्रथम नवरात्रे पर मंदिर में मां शैलपुत्री के जयकारों के बीच भक्तों ने मां की पूजा अर्चना में हिस्सा लिया। मंदिर संस्थान के प्रधान जगदीश भाटिया ने प्रथम नवरात्रों पर मंदिर में भव्य पूजा अर्चना का शुभारंभ करवाया।

इस अवसर पर जहां हजारों भक्तों ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई, वहीं शहर के प्रमुख उद्योगपति एवं गणमान्य लोगों ने भी हवन यज्ञ में अपनी आहुति डाली। हर साल की भांति इस बार भी महारानी वैष्णोदेवी मंदिर में भक्तगण ज्वाला जी से मां की पवित्र ज्योत लेकर पहुंचे। इस अवसर पर मंदिर में भव्य प्रकाश व सजावट की गई है।

मंदिर में प्रातकालीन पूजा के अवसर पर प्रधान जगदीश भाटिया, उद्योगपति के.सी लखानी, उद्योगपति आर.के जैन, आर.के बत्तरा, रमेश सहगल, मानक चंद भाटिया, पूर्व विधायक चंदर भाटिया, नेतराम, राहुल मक्क्ड़, फकीर चंद कथूरिया, पार्षद दिनेश भाटिया, प्रधान राजेश भाटिया, पूर्व पार्षद राजेश भाटिया, रोहित व धीरज ने मां की आरती में हिस्सा लिया।

इस शुभ अवसर पर मां के दरबार में ज्योति प्रवज्जलित की गई। आरती के दौरान प्रधान जगदीश भाटिया ने भक्तों को बताया कि प्रथम नवरात्रों पर मां शैलपुत्री की भव्य पूजा की जाती है। मां के नौ स्वरूप होते हैं और प्रत्येक स्वरूप भक्तों के दुख व चिंता को हरने वाले हैं। मां की पूजा अर्चना कर सच्चे मन से जो भी मुराद मांगी जाती है वह अवश्य पूर्ण होती है।

भाटिया के अनुसार माता के दाहिने हाथ में त्रिशूल तथा बाएं हाथ में कमल पुष्प होता है। पूर्व जन्म में सती अपने पति भगवान शंकर के अपमान को सहन नहीं कर सकीं और अपने पिता दक्ष के यज्ञ का विध्वंस कर खुद को भस्म कर लिया था। उन्होंने अगले जन्म में शैलराज हिमालय की पुत्री के रूप में जन्म लिया तथा शैलपुत्री के नाम से विख्यात हुई।

नवरात्र के पूजन में प्रथम दिवस पर इन्हीं का पूजन किया जाता है। ।

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