नवनियुक्त हरियाणा कांग्रेस कॉर्डिनेशन कमेटी की बैठक कल, हो सकता है लोकसभा सीटों का फैसला !

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File Photo

Faridabad/Alive News : ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी ने पूर्व मुख्यमंत्री चौ. भूपेंदर सिंह के नेतृत्व वाली 15 सदस्य हरियाणा कांग्रेस कॉर्डिनेशन कमेटी को फिर से मंजूरी देकर राजनीती चर्चा पर विराम लगा दिया है। पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी में मंगलवार को हरियाणा प्रभारी गुलाम नबी आज़ाद नवनियुक्त कॉर्डिनेशन कमेटी के सदस्यों की बैठक दिल्ली में लेंगे। अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बैठक AICC कार्यालय में होगी या फिर उनके निवास पर होगी। बैठक से अनुमान है कि 10 लोकसभा सीटों पर प्रत्याशियों का फैसला भी हो सकता है।

बैठक में माना यह भी जा रहा है कि मंगलवार को गुलाम नबी प्रदेश के नेताओं की लोकसभा और विसधानसभा के लिए नब्ज टटोलगे। वे बैठक में प्रदेश के एमपी, एमएलए से लेकर पूर्व एमएएल और पिछले चुनाव में प्रत्याशी रहे नेताओ के अलावा प्रदेश कांग्रेस के सीनियर नेताओं का भी पूरा फीडबैक मांग सकते हैं। उनसे पूछा जा सकता है कि किसे टिकट दिया जाए, यदि दे दिया तो वह कैसे चुनाव जीत सकता है।

इसके आलावा पार्टियों के संभावित उम्मीदवार कौन है, आदि सवाल वन-टू वन मिलकर किए जा सकते हैं। इसके अलावा यह भी पूछा जा सकता है कि हरियाणा में सीएम कंडीडेट किसे बनाया जाए। बता दें कि प्रभारी से प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर, पहले ही मिल चुके हैं। वे अपनी तरफ से प्रदेश के सियासी हालात पर उनसे चर्चा कर चुके हैं।

हालाँकि हरियाणा प्रभारी से फ़रवरी माह में रणदीप सुरजेवाला, किरण चौधरी, कुलदीप बिश्नोई और रेणुका बिश्नोई को छोड़कर बाकी सभी हुड्‌डा समर्थक 12 विधायकों ने मुलाकात कर चुके हैं। इससे पहले प्रभारी ने हुड्‌डा आवास पर बैठक भी की थी। 12 विधायकों द्वारा प्रभारी से पूर्व सीएम हुड्‌डा को सीएम चेहरा घोषित करने की मांग भी की जा चुकी है। हालांकि ये विधायक पहले भी ऐसी मांग करते आ रहे हैं।

बताया गया कि कांग्रेस कॉर्डिनेशन कमेटी के सदस्य एवं पूर्व मंत्री चौ. महेन्दर प्रताप सिंह ने फरीदाबाद लोकसभा सीट से टिकट की दावेदारी की है तो पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव ने गुड़गांव से टिकट मांगी है। इधर, किरण चौधरी की बेटी एवं पूर्व सांसद श्रुति चौधरी ने भिवानी-महेंद्रगढ़ सीट पर अपनी दावेदारी जता रही हैं।

राज्य में बड़े चेहरों की फौज है ऐसे में हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी गुलाम नबी आजाद के लिए सभी को एकजुट करना चुनौती है। आपको बता दें कि राजस्थान के बाद हरियाणा ऐसा राज्य है, जहां इस चुनाव में कांग्रेस अपनी जीत का सपना संजोए है। हरियाणा राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटा है। यहां कांग्रेस हुड्डा, सैलजा, तंवर, सुरजेवाला, कुलदीप, किरण और कैप्टन खेमों में बंटी है। राज्य में बड़े चेहरों की पूरी फौज तो है और उनका सीधे कांग्रेस हाईकमान में दखल रहता है, मगर कार्यकर्ता अक्सर असमंजस में देखे जा रहे हैं। गुटबाजी के चलते हरियाणा कांग्रेस कॉर्डिनेशन कमेटी के 15 सदस्यों और एक चेयरमैन के दम पर हरियाणा प्रभारी, लोकसभा और विधानसभा में कैसे हरियाणा में पार्टी को जीत दिला पाएंगे।

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