नकारा व्यवस्था का दंश झेल रही जनता कर रही है त्राहिमाम

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Faridabad/Alive News: तीन दिन पहले शुरू हुई मानसून की बारिश ने स्मार्ट सिटी बनने जा रही फरीदाबाद के प्रशासन की पोल खोल दी। फरीदाबाद की मुख्य सड़कें कीचड़ और गंदे पानी से लबालब हैं। नगर निगम कमिश्नर के द्वारा मानसून शुरू होने से पहले शहर की पानी निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने का आश्वासन दिया गया था। परन्तु शुक्रवार के दिन हुई बारिश से प्रशासन के दावे खोखले साबित हुए। जिसकी वजह से फरीदाबाद की सड़कें टूटी-फूटी नजर आ रही है जिनमे पानी भरने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। जल भराव के कारण सीवरेज व्यवस्था भी अपनी जर्जर अवस्था में है। सीवर ओवरफ्लो होने से नालियों का पानी सडकों पर आ रहा हैं जिससे सडकों की स्थिति और भी बिगड़ती जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार इस मानसून में अधिक बारिश होने की सम्भावना व्यक्त की है। अगर, निगम प्रशासन द्वारा शहर के मुख्य नाले- नालियों को दुरुस्त नहीं किया गया तो कॉलनियों से लेकर सेक्टरों का डूबना निश्चित है।

शुक्रवार को हुई बारिश में डबुआ 60 फुट रोड के अंत में तालाब बनी सड़क।

क्या कहना हैं शहर के लोगों का

नगर निगम की तरफ से बारिश से पहले कोई विशेष इंतजाम नहीं किये गए हैं। नगर निगम ने 189 हार्वेस्टिंग सिस्टम बनवाने का दावा किया था किन्तु उनमे से एक भी काम करता हुए नजर नहीं आ रहा हैं। नगर निगम के द्वारा सीवरेज व्यवस्था दुरुस्त करने तथा नालियों को साफ़ करने की बात कही गयी थी परन्तु शहर के किसी भी हिस्से की नालियां साफ नहीं है। शहर में उचित हार्वेस्टिंग सिस्टम और सीवरेज सिस्टम ना होने के कारण घरों से निकलने वाला तथा बारिश का पानी सडकों पर बह रहा है।
-रविंद्र चावला, कार्यकर्त्ता आरटीआई।

नगर निगम कमिश्नर के द्वारा बरसात से पहले नालियों को साफ करने तथा बारिश के पानी का निपटारा करने का आश्वसन दिया गया था परन्तु ऐसा कुछ दिख नहीं रहा। पूरे शहर की सड़कों पर सड़क कम कीचड़ और पानी ज्यादा दिख रहा है। प्रशासन को बरसात से पहले ही सारी तैयारियां कर देनी चाहिए थी जिससे लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
-दुष्यंत शर्मा, अधिवक्ता।

निक्क्मे और नकारा सरकार के जनप्रतिनिधियों तथा कामचोर अधिकारियों की वजह से शहर डूब रहा है। नगर निगम व्यवस्था के नाम पर पैकेज लेती हैं और काम नहीं करती।
– जोगी भाटिया, वरिष्ठ नागरिक।

देश के प्रधानमंत्री अपील के वावजूद जिले के अधिकारी जल संचय शक्ति पर ध्यान नहीं दे रहे है। उसके कारण शहर की जनता को परेशानियों का सामना करनापड़ रहा हैं। अधिकारियों को चाहिए कि शहर की पानी निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करे तथा उस जल का सदुपयोग करे।
-राजेश खटाना, अधिवक्ता

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