विश्व दिव्यांग दिवस के उपलक्ष्य में ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित

0
17
Sponsored Advertisement

Faridabad/Alive News : राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय एन एच तीन फरीदाबाद में जूनियर रेडक्रॉस, सैंट जॉन एम्बुलेंस ब्रिगेड और गाइडस द्वारा प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा के मार्गनिर्देशन में विश्व दिव्यांग दिवस के उपलक्ष्य में ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित किया गया। ऑनलाइन कार्यक्रम कोरोना काल में सामाजिक दूरी, मास्क पहनने और हैंड्स सेनोटाइजेशन का महत्व बताते हुए इन का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए अपील भी की।

मनचन्दा ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार इस वर्ष दिव्यांग दिवस की थीम है – बेहतर पुनर्निमाण कोविड-19 के बाद की दुनिया में विकलांग व्यक्तियों के लिए समावेशी, सुलभ और अनुकूल माहौल हो। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविड 19 महामारी के दौरान दिव्यांग व्यक्तियों की जरूरत पर बल दिया है। आज परिस्थितियां ऐसी हैं कि दिव्यांग लोगों को उम्र भर अपने परिवार पर आश्रित रहना पड़ता है। इस कारण, वह या तो परिवार के लिए बोझ बन जाता है या उनकी इच्छाएं अकारण दबा दी जाती हैं दूसरी ओर दिव्यांगों के लिए क्षमतानुसार कौशल प्रशिक्षण जैसी योजनाओं के होने के बावजूद जागरूकता के अभाव में दिव्यांग जनों का एक बड़ा भाग सारी उम्र बेरोजगार रह जाता है।

प्रख्यात संगीतकार और गायक स्वर्गीय रविन्द्र जैन, नृत्यांगना सोनल मान सिंह, नृत्यांगना सुधाचंद्रन, एवेरेस्ट पर चादाह्नेवाली पहली दियंग महिला अरुणिमा सिन्हा का नाम बड़े आदर के साथ लिया जाता है, इन्होने अपने आपको सिद्ध किया है। प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने बताया कि अंत में यह कहना सही है कि किसी भी अशक्त दिव्यांग लोगों के साथ भेदभाव ना करें और यथसंभव उनकी मदद करें उन्हें काबिल बनायें ताकि वे अपने आपको समर्थ महसूस कर सकें। ईश्वर ने किसी को भी पूर्ण नहीं बनाया है। हर एक में कुछ कमियां अवश्य होती है इसलिए उन कमियों को कैसे दूर किया जाय और अगर उनमे कुछ विशेष क्षमता है तो कैसे उसे विकसित किया जाय यही प्रयास हर स्तर पर किया जाए।

उनका मजाक उड़ाकर उन्हें हतोत्साहित तो कदापि न करें। फूल के साथ काँटों का मेल, सुख के साथ दुःख का मेल, दिन के साथ रात्रि का मेल, धूप के साथ छांव का मेल, सफ़ेद के साथ स्याह का मेल यही तो परमात्मा की यथार्थ रचना है। फिर हम अपने ही समाज के एक अशक्त व्यक्ति की शक्ति को कैसे नकार सकते हैं। प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा, प्राध्यापिका जसनीत कौर, प्राध्यापिका शिवानी ने छात्रा तबिंदा, नेहा और सोनी को विश्व दिव्यांग दिवस पर आयोजित चित्रकारी प्रतियोगिता में क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय घोषित किया तथा सभी से अपील की कि वे दिव्यांग जनों को किसी से कम न समझें और उन की प्रतिभा का सम्मान करें।

Print Friendly, PDF & Email
Sponsored Advertisement