गांव बिहोली में 20 एकड़ जमीन में गऊशाला बनाने का प्रस्ताव तैयार करने के दिए आदेश

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Kurukshetra/Rakesh Sharma : मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि पानी की एक-एक बंूद बहुमुल्य है। इस बहुमुल्य पानी को बचाने के लिए सरकार नीतियां बना रही है। इन नीतियों को बेहतर बनाने और धरातल पर अमलीजामा पहनाने के साथ-साथ पानी बचाने जैसे अच्छे परिणाम लाने के लिए किसानों से सुझाव और फीडबैक लिया जा रहा है। इस प्रदेश में कई ब्लाक में भूजल स्तर 40 मीटर नीचे तक पहुंच गया है, जो किए एक चिंता का विषय है। इस ङ्क्षचता के विषय पर सभी को मिलकर काम करना होगा।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल मंगलवार को पिपली पैराकीट के सभागार में भूजल स्तर में सुधार लाने और पानी को बचाने जैसे गम्भीर विषयों को लेकर कुरुक्षेत्र के किसानों से फीडबैक ले रहे थे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किसान कर्णराज सिंह तूर, रवि कुमार मथाना, अश्विनी कुमार बाबैन, सुरेश् चंद, प्रीतम सिंह, विक्रम अटवाण, डिम्पल सैनी बाबैन, राजपाल, रोशन लाल, बरखा राम, गोपाल राणा, सतबीर सिंह, तेवर खान, सर्वजीत सिंह सहित अन्य किसानों से कुरुक्षेत्र में धान की फसल की बजाए मक्का की फसल लगाने और पानी को बचाने जैसे विषय को लेकर एक-एक करके बातचीत की और सभी से पानी को बचाने के बारे में सुझाव भी लिए। इस दौरान किसानों ने कुरुक्षेत्र में मारकंडा के साथ बाढ़ वाले क्षेत्र के किसानों के हित को लेकर और सीधी बिजाई को लेकर भी कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सरकार ने पानी बचाने के लिए फसल विविधिकरण के तहत मेरा पानी मेरी विरासत योजना तैयार की है। इस योजना के तहत कुरुक्षेत्र जिले के पिपली, शाहबाद, बाबैन और इस्माईलाबाद ब्लाक को शामिल किया गया है, क्योंकि इन खंडों में भूजल स्तर 40 मीटर से ज्यादा नीचे चला गया है, हालांकि प्रदेश में फतेहाबाद के रतिया ब्लाक, कैथल के सीवन व गुहला, सिरसा के सिरसा ब्लाक को शामिल किया गया है। इन ब्लाकों में भूजल स्तर की स्थिति बहुत चिंताजनक है, किसानों को प्रेरित किया जा रहा है कि पानी को बचाना है और इसके लिए किसानों को फसल विविधिकरण की तरफ अग्रसर होना होगा। इसके लिए ही सरकार ने मेरा पानी मेरी विरासत योजना तैयार की है। इस योजना के तहत मक्का, दाले, सब्जियां, बाजरा, कपास सहित अन्य कुछ फसले लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सरकार इन फसलों का एमएसपी पर एक-एक दाना खरीदेगी और मक्का लगाने पर 7 हजार रुपए प्रति एकड़ अनुदान राशि भी दी जाएगी। इसके अलावा भी कई अन्य सहुलियते किसानों को दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि पिछली योजना के तहत जिन किसानों ने मक्का की फसल लगाई थी, उनको सरकार की तरफ से अनुदान राशि जारी नहीं की थी, लेकिन अब पिछली अनुदान राशि को जारी करने के आदेश दे दिए है, इससे करीब 1500 एकड़ जमीन पर मक्का लगाने वाले किसानों को लगभग 20 से 30 लाख रुपए की अनुदान राशि जारी की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पिछले वर्ष पानी को बचाने के लिए जल ही जीवन योजना को शुरु किया था, लेकिन इस वर्ष योजना में सुधार करते हुए मेरा पानी मेरी विरासत स्कीम को लागू किया है। इस योजना पर काफी विचार-विमर्श किया गया। अप्रैल के अंतिम सप्ताह में इस योजना को बनाया गया और मई माह में इसकी घोषणा कर दी गई है। इस योजना को तैयार करने से पहले किसानों, वैज्ञानिकों, विधायकों और सरकार से जुड़े अन्य लोगों से भी गम्भीरता के साथ मंथन किया गया। इस मंथन के बाद ही मेरा पानी मेरी विरासत स्कीम को तैयार किया। इस योजना से आगामी 10-20 सालों की भावी पीढ़ी को फायदा होगा। उन्होंने यह भी कहा कि एक से दो एकड़ वाले छोटे किसानों को भी इस स्कीम में कुछ रियायतें मिलेंगी। सभी का एक ही लक्ष्य है कि पानी को बचाना है, जमीन से पानी कम निकालना है और भूजल स्तर में सुधार करना है। इस गम्भीर विषय को लेकर ही सभी को सोचने और मंथन करने की जरुरत है। इस दौरान जो भी बेहतर सुझाव आएंगे, उन्हें सरकार लागू करेगी और पानी की एक-एक बूंद बचाने का प्रयत्न करेंगी। इस दौरान कुरुक्षेत्र के किसानों ने जो सुझाव दिए है इन सुझावों पर भी सरकार कार्रवाई करेगी ताकि किसानों को लाभ मिल सके और पानी को बचाया जा सके। इस मौके पर उपायुक्त धीरेन्द्र खडगटा, पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी, आईएएस वैशाली सिंह, पूर्व विधायक डा. पवन सैनी, एसडीएम अश्विनी मलिक, डिप्टी डारेक्टर डा. प्रदीप मिल सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

इस दौरान गांव बिहोली के सरपंच प्रीतम सिंह ने पंचायत की 20 एकड़ जमीन पर गऊशाला बनाने का प्रस्ताव रखा, इस प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उपायुक्त धीरेन्द्र खडगटा को आदेश दिए कि गांव बिहोली में गऊशाला बनाने का एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार करके भेजा जाए। इस गऊशाला में बेसहारा पशुओं को रखा जाएगा और सरकार की तरफ से भी सहायता की जाएगी।

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