फिजिकल थेरेपी और रिहेबिलिटेशन पर मानव रचना में तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन

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Faridabad/Alive News: मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड स्टडीज के फैकल्टी ऑफ अलाइड साइंसिस द्वारा तीन दिवसीय वर्चुअल इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है। इस कॉन्फ्रेंस में हाल ही में फिजिकल थेरेपी और रिहैबिलिटेशन में की गई तरक्की के बारे में चर्चा हुई। मानव रचना के वीपी ड़ॉ. अमित भल्ला ने बतौर मुख्य अतिथि और एमआरआईआईआरएस के वीसी डॉ. संजय श्रीवास्तव ने बतौर गेस्ट ऑफ ऑनर हिस्सा लिया।

डॉ. अमित भल्ला ने कहा, सर्जरी होने के बाद भी सबसे बड़ा रोल एक फिजियोथेरेपिस्ट का होता है। फिजियो के कामयाब होने पर ही सर्जरी कामयाब मानी जाती है। उन्होंने इस दौरान खुद को हुई स्पोर्ट्स इंजरी और फिजियोथेरेपिस्ट के रोल के बारे में सभी को बताया। उन्होंने कहा, मानव रचना का फिजियोथेरेपी डिपार्टमेंट सभी के दिल के बहुत करीब है जिसकी वजह से कई लोगों को लाभ हुआ है और आज यह जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

पहले सेशन में मैनुअल फिजियोथेरेपी के डायरेक्टर और सीनियर कन्सल्टेंट डॉ. दीपक कुमार ने ‘Manual Therapy: Art of selecting the right patient’ के बारे में चर्चा की। इस दौरान डॉ. दीपक ने विभिन्न लाल झंडे और पीले झंडे के बारे में बताया। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि कैसे फिजियोथेरेपिस्ट को चिकित्सक द्वारा पूर्ण मूल्यांकन के बाद मैनुअल थेरेपी प्रबंधन के लिए रोगी का चयन करने के लिए विभिन्न संकेतों और लक्षणों का चयन करना चाहिए।

दूसरे सेशन में मुंबई के नानावटी अस्पताल के एचओडी प्रोफेसर (डॉ.) अली ईरान ने बताया कि वह काफी समय से मानव रचना से जुड़े हुए हैं। उन्होंने इस दौरान स्पोर्ट्स और ब्रेन मैपिंग और फिजियोथेरेपी में उसकी उन्नति को लेकर चर्चा की। यह मूल सिद्धांत है जिसका उपयोग न्यूरोप्लास्टीसिटी की अवधारणा के आधार पर पुन: चोटों की संभावना को रोकने के लिए नए एनग्राम विकसित करने के लिए किया जाता है। इस सेशन में कई नए कॉन्सेप्ट्स के बारे में भी चर्चा हुई।

कार्यक्रम में एसजीटी यूनिवर्सिटी गुरुग्राम से डॉ. पूजा आनंद, सउदी की मजमाह यूनिवर्सिटी से डॉ. फुजैल अहमद, एमआरआईआईआरएस से डॉ. रिजवी समेत कई फैकल्टी मेंबर्स मौजूद रहे।

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