Kurukshetra/Alive News : ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ का नारा खोखला दिखाई दे रहा है आज पूरे प्रदेश मे महिलाए सड़को पर धरना दे रही है लेकिन सरकार के सर पर जु तक नही रैंग रही । आगनबाड़ी सचिव कलावंती ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र 1975 से कार्यरत है उस समय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को 225 रुपए मानदेय दिया जाता था लेकिन आज इतने वर्ष बीत जाने के बाद भी 8100 रुपये मानदेय ही हो पाया है।

क्या सरकार को नही पता कि इतने कम वेतन से घर का गुजर नही चल सकता । सरकार की जितनी भी योजनाये है उन को धरातल पर उतारने का काम आगनबाड़ी वर्कर ही सिरे लाती है जहाँ केन्द्र की सरकार हो या फिर प्रदेश की सरकार हो पोलियो मुक्त भारत बनाए जाने पर अपनी पीठ थपथपा रही है उस अभियान मे आंगनबाड़ी वर्कर गांव से लेकर शहर तक हर घर का दरवाजा खटका कर बच्चाे को पोलियो की खुराक देने का काम करती है ।

हर प्रकार की जानकारी चाहे जन्म का लेख जोखा हो या फिर मृतुय का आंगनबाड़ी वर्करों के पास से लिया जाता है । राज्य सरकार को ये दिखाई दे नही दे रहा है कि आज प्रदेश की लगभग 26 हजार आंगनबाड़ी केन्द्र हड़ताल की वजह से बंद है ओर 52 हजारसे ज्यादा महिलाएं सड़को पर उतर रही है जिला सचिव ने उपरोक्त शब्द कुरुक्षेत्र के सांसद राजकुमार सैनी के निवास स्थान पर सैंकड़ो आंगनबाड़ी वर्कर, हेल्परों को सम्बोडित करते हुए कहे इस अवसर पर सांसद की गेर्मोझोड़गी मई कुरुक्षेत्र के को अपना मांग पत्र सौपा गया

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