Part- 4: COVID -19 और इंडिया-मार्च 2020

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जे.बी शर्मा

अपने देश में 31 मार्च 2020 के दोपहर के 12 बजकर 56 मिनट तक कोविड के कुल मरीजों की संख्या 1251 वहीं एक्टिव मरीजों की संख्या 1117 हो चुकी है। जबकि 101 लोग ठीक होकर घर जा चुके हैं। वहीं कोविड 19 के वजह से मरने वाले लोगो की संख्या 32 तक पहुंच चुकी है। उक्त के साथ-साथ जब हम हरियाणा की स्थिति का आंकलन करते हैं तो पता चलता है कि 30 मार्च 6 बजे तक कोविड 19 के मरीजों की संख्या 22 तक पहुंच चुकी थी। ऐसे में प्रदेश के होम एण्ड हेल्थ मिनिस्टर अनिल विज ने इण्डिया टूडे को दिए एक इंटरव्यू में अपनी चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि जब से कोविड 19 वायरस फैलना शुरू हुआ है, तब से पंजाब से तकरीबन 90 हजार एनआरआई गायब हैं। उन्हें आशंका है कि कहीं वे चोरी-छिपे हरियाणा में ही न प्रवेश कर चुके हों? वहीं उन्होंने कहा कि पंजाब से पलायन करने वाली मजदूरों के संदर्भ में जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश भर में 129 शैल्टरस् तैयार किए गए हैं। जहां पलायन करने वाली लेबर की प्रत्येक सुविधा का ख्याल रखा जायेगा।

वहीं देश के प्रधानमंत्री ने, दी इकोनोमिक टाईम्स, के माध्यम से देश के आध्यात्मिक लीडर्स को अपील करते हुए कहा कि: PM Modi told spiritual leaders to help counter superstitions and misinformation. PM stressed on the importance of giving medical and scientific.

हम अपने पाठकों को बता दें कि वर्तमान संदर्भ में ये तो सब ठीक है। और यह भी ठीक है कि यूनियन फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमन ने गत 5 जुलाई 2919 को नेशनल हेल्थ बजट को गत वर्ष के हेल्थ बजट से लगभग 19 प्रतिशत ज्यादा बताते हुए घोषणा की थी कि 2019-2020 में राष्ट्रीय स्वास्थ सेवाओं पर अब 62,398 करोड़ रुपेय खर्च किए जायेंगे। पाठकों अब हमारे सामने सवाल यह है कि देश की प्रति सैकण्ड बढ़ती आबादी का जब हम आंकलन करते है तो 31 मार्च 2020 की शाम 3.30 मिनट पर भारत की आबादी एक अरब सैंत्तीस करोड़ छयासठ लाख तेरह हज़ार 215 हो चुकी थी और यह आबादी हर पल बढ़ती ही जा रही है।

ऐसे में हम अपने ऐनवल हेल्थ बजट के लेआऊट यानि 62,398 करोड़ रुपए को 1,37,66,13,215 को अपने हेल्थ बजट यानि 62,398 से भाग देते हैं तो हम सब के सामने एक बड़ा सवाल जो खड़ा होता है कि हमारे देश की वर्तमान सरकार या इससे पूर्व सरकारों ने स्वास्थ सेवा के अंतर्गत प्रति व्यक्ति कितना खर्च किया या कितना कर रही है? पाठक मित्रों दोनो संख्याएं आप के पास हैं उत्तर आप स्वयं निकालें। हम एक बार फिर संदर्भित विषय की ओर आते हैं और समझते हैं कि संक्रमण का अर्थ क्या है?

अभी भी हमारे देश के अनेकानेक लोग हैं जो कि कोरोना वायरस का सही प्रकार से उच्चारण भी नहीं कर पा रहे तो ऐसे में अगर यह माना जाए कि क्या भारतीय जनता का एक बहुत बड़ा हिस्सा जो कि दो जून की रोटी कमाने में ही अपनी तमाम ज़िन्दगी लगा देता है वह इस विश्व महामारी की गंभीरता का अदांजा सही प्रकार से लगा पा रहा होगा, यह सोचना गलत होगा। और उस पर 24 मार्च की रात्रि 8 बजे देश के प्रधानमंत्री द्वारा 14-15 अप्रैल तक देश भर में, लॉक डाऊन कर देने वाले आदेश की पालना करने की अनिर्वायता ने न केवल मेहनतकश श्रमिकों बल्कि देश के सभी वर्ग के लोगों के सामने भय व अनिश्चितता के साथ-साथ एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी।

हम बात कर रहे थे संक्रमण की। जिसका अर्थ है रोग-जनक सूक्ष्म जीवों का मानव या पशु शरीर में प्रवेश कर जाना। इन सूक्ष्म जीवों का विकास, समुचित संख्या में वृद्धि और कुप्रभाव की उत्पत्ति। कुप्रभाव वास्तव में रोगोत्पत्ति के रूप में ही होते हैं। अर्थात ऐसे सभी रोग जो संक्रमण के वजह से पैदा होते हैंं, उन्हें संक्रामक रोग अर्थात (Infectious diseases) के नाम से जाना जाता है।

                                                     जारी…

(लेखक एक वरिष्ठ पत्रकार एवं सामाजिक चिंतक हैं)

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