हर रोज फरीदाबाद इंडस्ट्री में कई हजार क्यूबिक मीटर पीएनजी की खपत

Tilak Raj Sharma/Alive News 

Faridabad : पेट्रोल-डीजल के बाद पीएनजी-सीएनजी के रेट बढऩे से एक फिर से ऑटो इंड्रस्टी में भूचाल आ गया है। जिन लोगों को नोटबंदी-जीएसटी के बाद मंहगाई के कारण पेट्रोल-डीजल के वाहन चलाना भारी लग रहा था उनके लिए अब सीएनजी और पीएनजी के दाम बढऩे से वाहन चलाना मुश्किल हो गया है क्योंकि सीएनजी के दाम और डीजल के दाम का अंतर मात्र 14 रूपए 49 पैसे है।

ऐसे ही सरकार सीएनजी और पीएनजी के दाम बढ़ाती रही तो ऑटो इंड्रस्टी का दिवाला इस दिवाली पर निकलना तय है। इसके प्रभाव में करीब 20 हजार सीएनजी वाहन सहित पीएनजी से चलने वाली इंडस्ट्री, कॉमर्शियल यूनिट और 32 हजार घर आ रहे हैं। रेट बढऩे से खाना बनाने से लेकर घूमना फिरना तक महंगा हो गया है।

ऐसे तय होते हैं रेट
केन्द्र सरकार पीएनजी-सीएनजी के रेट साल में दो बार तय करने के लिए अधिकारियों की बैठक लेती है। बैठक में सहमती के आधार पर रेट रिवाईज किए जाते हैं। रेट बढऩे से अडानी कंपनी को केवल फरीदाबाद से रोजाना 5 लाख रुपए अतिरिक्त फायदा होगा।

रेट बढऩे का क्या होगा असर
-कारोबारियों के उत्पादन में खर्च बढ़ेगा, इसलिए जरूरी चीजों के दाम बढऩे की संभावना है।
-अब किचन का बजट बढ़ जाएगा। इस कारण आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
-सीएनजी युक्त वाहन चालक किराया बढ़ा सकते हैं, निजी वाहन मालिकों की जेब और हल्की होगी।
-सीएनजी की बढ़ी किमतों का असर आम यात्रियों की ट्रांसपोर्ट सुविधा पर भी पड़ेगा।
-पीएनजी के रेट बढऩे से घरेलू उपभोक्ता प्रभावित होंगे।

सीएनजी का डाटा
शहर में सीएनजी स्टेशन -13
गैस की रोज खपत -डेढ़ लाख किलोग्राम
पहले रेट क्या थे -41.22
अब क्या हैं -43.24
कितने वाहन निर्भर हैं -20 हजार
नोट : हर माह करीब 250 सीएनजी वाहन बढ़ रहे हैं।

पीएनजी का डाटा
रोज कितनी खपत है -2 लाख क्यूबिक मीटर
कितने घरों में है -32 हजार
कितने गांव में है -31
कितनी इंडस्ट्री में है -212
कॉमर्शियल यूनिट में -90
पहले क्या रेट था -23.79
अब क्या है -24.94
नोट : इसके अलावा हुडा और नगर निगम के सभी पुराने सेक्टरों में पीएनजी की लाईन है।

क्या कहते है उद्यमी
पीएनजी के रेट बढऩे से इंडस्ट्री का उत्पादन प्रभावित होगा। फरीदाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (एफआईए) की ओर से सरकार को पत्र लिखकर मांग की गई थी कि जीएसटी लागू होने के बाद प्रदेश सरकार ने 5 से 12 प्रतिशत टैक्स पीएनजी पर लगा दिया है, इसलिए इंडस्ट्री की मांग है कि रेट कम किया जाए। अगर सरकार इंडस्ट्री को किसी तरह की राहत नहीं देगी तो काम करना मुश्किल हो जाएगा। रोज इंडस्ट्री में कई हजार क्यूबिक मीटर पीएनजी की खपत है।
-कर्नल एस. कपूर, कार्यकारी निदेशक, एफआईए

क्या कहना है गैस कंपनी का
पीएनजी शहर के लगभग सभी पुराने सेक्टरों में सप्लाई की जा रही है। अब ग्रेटर फरीदाबाद टारगेट है। यहां विभिन्न सोसायटियों में फिलहाल 10 हजार परिवार बस चुके हैं। भविष्य में 50 हजार परिवार बसेंगे। इसके अलावा सेक्टरों के आस-पास के गांवों में भी पीएनजी लाईन बिछाई जाएगी।
-बातिश ढोलकिया, सीनियर वाईस प्रेसीडेंट, अडानी एनर्जी लिमिटेड कंपनी

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