‘स्पोर्ट्स इंस्ट्रूमेंट’ के बिना, प्रैक्टिस को मजबूर प्रशिक्षु खिलाड़ी

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Faridabad/Alive News : हम लोग खिलाडिय़ों से मेडल की उम्मीद तो करते है, लेकिन खिलाडिय़ों को मिलने वाली सहुलियतों के बारे में शायद ही कोई सोचता है। सरकार खिलाडिय़ों के प्रशिक्षण को लेकर कितनी गम्भीर है, यह बात किसी से छिपी नहीं है। खिलाडिय़ों को स्पोट्र्स इंस्ट्रूमेंट के अभाव से जुझना कोई नई बात नहीं है, ऐसा ही कुछ आजकल फरीदाबाद के खिलाडिय़ों को भी झेलना पड़ रहा है।

पिछले चार सालों से खिलाड़ी बिना स्पोट्र्स इंस्ट्रूमेंट के ही प्रशिक्षण ले रहे हैं। स्पोट्र्स इंस्ट्रूमेंट उपलब्ध न होने से कोच के माध्यम से प्रशिक्षण ले रहे युवा खेल प्रतियोगिताओं में कैसा प्रदर्शन करेंगे, इसका सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है। शहर में सैकड़ों खिलाड़ी ऐसे हैं, जो सुविधाएं न मिलने के बाद भी विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं में उम्दा प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं,

लेकिन ऐसे युवाओंं की संख्या भी कम नहीं हैं, जो सुविधाओं के अभाव में प्रशिक्षण लेने को मजबूर हैं, क्योंकि उन्हें स्पोट्र्स इंस्ट्रूमेंट उपलब्ध नहीं हो पा रहे है। शुरुआत में प्रशिक्षु खिलाडिय़ों को बेसिक इंस्ट्रूमेंट की बेहद जरूरत होती है, लेकिन खिलाड़ी यह सोचते हैं कि उन्हें इस बार जरूर स्पोट्र्स इंस्ट्रूमेंट उपलब्ध हो जाऐंगे। इंस्ट्रूमेंट न मिलने पर खिलाडिय़ों को मायूसी हाथ लगती है।

– स्पोट्र्स इंस्ट्रूमेंट का अभाव
खेल परिसर में तीरंदाजी प्रैक्टिस के लिए टारगेट खराब हैं। वहीं बैडमिंटन का सामान भी नहीं है और बॉस्केटबाल नेट भी नहीं है। जिम्नैस्टिक्स के लिए बेसिक स्पोट्र्स इंस्ट्रूमेंट भी नहीं हैं। क्रिकेट का सामान भी नहीं है। फुटबॉल के ब्लेडर फटे हैं।

– प्रशिक्षुओं का दुख
एक प्रशिक्षु खिलाड़ी ने नाम न छापने के एवज में बताया कि अगर खेल में पदक जीतना हैं तो अपने स्तर पर ही कुछ करना होता है। हम प्रैक्टिस के लिए अपने पैसे खर्चे करके स्पोट्र्स इंस्ट्रूमेंट ले रहे हैं। हमने कई बार कोच से खेल सामग्री की गुहार लगाई है। वहीं दूसरी ओर कोच का कहना है कि हमने खेल सामग्री की डिमांड लेटर अधिकारियों को दिया है, लेकिन हैरत की बात है कि चार साल से सामान नहीं आ रहा है।

– क्या कहते है अधिकारी
जिला खेल अधिकारी मैरी मसीह से जब संवाददाता ने खेल परिसर में उपरोक्त खेल के सामान (स्पोट्र्स इंस्ट्रूमेंट) की कमी को लेकर बात की गई तो उन्होंने जवाब दिया कि किसी भी सैक्टर में खेल के सामान की कमी नहीं है, अगर आपको कोई बच्चा (खिलाड़ी) शिकायत कर रहा है तो उसका उन्हें नाम बताएं। अगर बच्चे का नाम नहीं बता सकते तो वह कोई जानकारी नहीं देंगी। इतना कह कर अधिकारी ने फोन काट दिया।

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