ऑस्ट्रेलियन ओपन से बाहर हुए राफेल नडाल, मारिन सेमीफ़ाइनल में

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New Delhi/Alive News : स्पेनिश स्टार और दुनिया के नंबर-1 टेनिस खिलाड़ी राफेल नडाल ऑस्ट्रेलियन ओपन से बाहर हो गए हैं. राउंड ऑफ़-16 के मुकाबले में नडाल क्रोएशिया के मारिन सिलिक के ख़िलाफ़ पांचवें सेट में कमर में तकलीफ़ के कारण मैच छोड़ना पड़ा और वह आगे नहीं खेल सके. क्वार्टर-फाइनल मुक़ाबले में नडाल ने मेडिकल टाइम आउट भी लिया, लेकिन वापसी नहीं कर सके. मारिन सिलिक ने 3-6, 6-3, 6-7, 6-2, 2-0 से जीत हासिल कर सेमीफ़ाइनल में कदम रखा. सेमीफ़ाइनल में सिलिक की टक्कर ब्रिटेन के एडमंड काइल से होगी. एक चैनल के अनुसार पिछले साल दो ग्रैंड स्लैम ख़िताब जीतने वाले अपने करियर में दूसरी बार रिटायर्ड हर्ट होकर टूर्नामेंट से बाहर हुए हैं. 2010 में नडाल ऑस्ट्रेलियन ओपन के क्वार्टर-फ़ाइनल में ही एंडी मरे के ख़िलाफ़ रिटायर्ड हर्ट हुए थे. नडाल अब तक 250 से ज़्यादा ग्रैंड स्लैम मैच खेल चुके हैं.

मैच के बाद नडाल ने कहा, ‘मेरे लिए ये मुश्किल समय है. हालांकि यह पहली बार नहीं है जब मौक़ा मेरे हाथ से निकल गया है. मैं हमेशा सकारात्मक सोच रखता हूं, लेकिन आज मेरे हाथ से ग्रैंड स्लैम सेमीफ़ाइनल में जाने का मौक़ा छूट गया और मैं एक महत्वपूर्ण ख़िताब जीतने से रह गया.’ 16 ग्रैंड स्लैम खिताबों के विजेता नडाल इससे पहले भी चोट से परेशान रहे हैं, लेकिन इस बार की चोट कुछ ज़्यादा गंभीर लग रही है. नडाल ने चोट के बारे में भी बात की. उन्होंने कहा, ‘पैर में ऊपर चोट है. मैं झूठ नहीं बोलना चाहता, बुधवार को डॉक्टरों से बात करते के बाद एमआरआई स्कैन के बाद पता चलेगा.’

नडाल ने इसी के साथ अपने साथी खिलाड़ियों के चोटिल होने का मुद्दा उठाते हुए एटीपी टेनिस के कार्यक्रम पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा, ‘जो एटीपी चला रहे हैं उन्हें इस बारे में सोचना चाहिए. आजकल काफ़ी खिलाड़ी चोटिल हो रहे हैं. मुझे नहीं मालूम लेकिन उन्हें खिलाड़ियों की सेहत के बारे में सोचना चाहिए. अभी हम खेल रहे हैं, लेकिन टेनिस के बाद भी हमारी ज़िंदगी है. मुझे नहीं मालूम अगर हम इस तरह की कोर्ट पर खेलते रहे तो भविष्य में हमारी ज़िंदगी में क्या होगा.’

31 साल के नडाल अपने 15 साल से ज़्यादा लंबे करियर में चोट से परेशान रहे हैं. एक नज़र डालते हैं उनके चोट पर…

साल                               चोट
2003                            कोहनी
2004                            हेयरलाइन फ्रैक्चर (स्ट्रेस फ्रैक्चर भी कहते हैं)
2005                            पैर की हड्डी में परेशानी
2006 और 2014          कंधे में चोट /पीठ में तकलीफ़
2008                           टेन्डीनिटिस (घुटने की ऊतक में सूजन)
2009 और 2012          दोनों घुटने की ऊतक में सूजन
2011                            एबडक्टर लॉगस रपचर (मांस पेशियों में ख़िचाव)
2012                           पैर का मांस पेशियों में परेशानी
2014                           कलाई में परेशानी
2016                           कलाई में परेशानी

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