रेलवे कॉरिडोर की झुग्गियों में पनप रहा है अपराध, प्रशासन लाचार

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Faridabad/Alive News : रेलवे कॉरिडोर पर अवैध झुग्गियों का साम्राज्य अब यात्रियों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। दिल्ली एनसीआर के रेलवे स्टेशनों पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रेलवे कॉरिडोर पर अवैध रूप से बसी झुग्गियां हैं जिसकी वजह से रेलवे ट्रैक के आस पास लूट, छीना झपटी, ट्रेनों पर पथराव, रेलवे स्टेशनों पर चोरी, झुग्गियों में रहने वाले लोग कारण पाए गए हैं। दिल्ली के कई स्टेशन यात्रियों के लिए देर शाम और सुबह अंधेरे में सुरक्षित नहीं माने जा रहे हैं। अपराध का बड़ा आंकड़ा रेलवे विभाग को मिलने के बाद भी अवैध रूप से अपराध को जन्म दे रही झुग्गियां क्यों नहीं हटाई जा रही ? क्या रेलवे पुलिस और रेलवे विभाग के पास ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जिससे रेलवे ट्रैक और यात्रियों को सुरक्षित रखा जा सके। अगर, बात स्वच्छ भारत की करी जाए तो एक तस्वीर रेलवे कॉरिडोर पर पड़ी अवैध झुग्गियों पर डालें। इन अवैध झुग्गियों से प्रधानमंत्री मोदी जी का स्वच्छ भारत अभियान का सपना टूट सकता है।

स्टेशन और ट्रेन में लूट और चोरी का कारण कैसे बनी झुग्गियां?
दिल्ली एनसीआर के रेलवे ट्रैक के दोनों ओर बसी झग्गियां अपराध को बढ़ावा तो दे ही रही हैं बल्कि कई लोग रेलवे में सफर करने पर अपनी जान से भी हाथ धो चुके हैं। ऐसे अपराधों से बैंगलोर जैसा शहर भी अछूता नहीं रहा है। 4 से 5 लोगों के गिरोह में बंटकर ये झुग्गीवासी अपने काम को अंजाम देते थे। इन्होंने ट्रैन पर पत्थर मारने से शुरुआत करके चोरी, डकैती, लूटपाट जैसे आदि कई संगीन जुर्मों को अंजाम दिया है। लेकिन अब ये गिरोह पुलिस की पकड़ में आ गया हैं। ऐसे अपराधी रेलवे को भी नहीं बक्शते और रेलवे स्टेशन, रेलवे ट्रैक और गाड़ियों के पुर्जे तक चोरी कर ले जाते हैं जिससे कई बार विभाग को बड़ा नुक्सान भी उठाना पड़ता है। लोकल ट्रेनों से लेकर एक्सप्रेस ट्रेन तक में झुग्गी में रहने वाले अपराधियों ने चैन, पर्स, मोबाइल स्नैचिंग की हज़ारों वारदातों कोअंजाम दिया है। रेलवे पुलिस ऐसे मामलों को लीपा-पोती कर ठन्डे बस्ते में डाल देती है जिनका आज तक कोई समाधान नहीं हुआ है।

अभी तक ट्रेनों पर पथराव का कारण बने हैं झुग्गियों
लोकल एक्सप्रेस ट्रेनों में ज़्यादातार पथराव रेलवे कॉरिडोर पर बसी झुग्गियों में रहने वाले अपराधी संलिप्त पाए गए हैं। इतना ही नहीं ट्रेन में होने वाली लूट की बड़ी वारदातें भी इन झुग्गी वासियों के कारण ही हुई है। लोकल ट्रेनों में तो झुग्गी के अपराधियों ने चाक़ू मारने जैसे संगीन अपराधों को भी अंजाम दिया है। ये मामले दिल्ली के जीआरपी और आरपीएफ जैसे थानों में दर्ज हैं।

झुग्गीवासियों की अपराध करने की क्या है स्ट्रेटेजी
कई छोटे-बड़े स्टेशन को आपस में जोड़ने वाले स्टेशन सबसे ज़्यादा असुरक्षित होते हैं। ऐसे स्टेशन चारों ओर से इन झुग्गियों से घिरे होते हैं। ऐसे आरोप भी सामने आए हैं कि झुग्गीवासी अंधेरा होते ही चोरी, डकैती, लूट-पाट पर निकल जाते हैं। इन्ही कारणों से रेलवे स्टेशन यात्रियों के लिए असुरक्षित हैं। वे अंधेरे का फायदा उठा कर संगीन जुर्मों को अंजाम देते हैं।

मोदी जी के स्वच्छता अभियान पर झुग्गी बनी धब्बा
झुग्गीवासी अपने घरों का कूड़ा कचरा रेलवे ट्रैक पर फेंक देते हैं जिससे ट्रैक पर गंदगी और लोगों की सेहत पर उल्टा असर पड़ रहा है। इसी कारण यात्रियों को सांस लेने में भी तकलीफ होती हैं। ये गतिविधियां मोदी जी के स्वच्छता अभियान को ठेंगा दिखाती हैं जिस पर सम्बन्धित प्रशासन भी हाथ पर हाथ धरे बैठा है। झुग्गियों के कारण मोदी जी के स्मार्ट सिटी का सपना भी अधूरा ही रह रहा है। रेलवे स्टेशन के बाहर जिस इलाके में उन्होंने अपनी बस्ती बनाई हुई है, वहां पर भी इन लोगों ने गन्दगी फैला कर आतंक मचाया हुआ है। हमारे संवाददाता के अनुसार उस इलाके में रुका हुआ पानी और हर थोड़ी दूरी पर कीचड भी देखा गया है जो जल जनित बीमारियों का कारण भी बनता है और इसके कारण जाम की स्थिति भी बन जाती है।

क्या कहना है आरपीएफ इंचार्ज का
रेलवे बाउंड्री के बाहर ‘रोहंगिया मुस्लिम्स’ की बस्ती बनी हुई है जिसने रेलवे विभाग में आतंक मचाया हुआ है जिसके कारण न केवल आम नागरिक को, बल्कि रेलवे प्रशासन को भी कई तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है। यहां झुग्गीयों की शुरुआत पहले थोड़े – थोड़े कबाड़ से होती है फिर धीरे-धीरे वहाँ अपने लकड़ी के कच्चे मकान बनाकर रहने लगते है और फिर कुछ समय पश्चात अपने पक्के मकान स्थापित कर लेते हैं। कभी तो ये रेलवे का सामान चुरा कर ले जाते हैं तो कभी ट्रैक पास करने की आढ़ में ट्रेनों की रफ़्तार को धीमा करने पर मजबूर कर देते हैं तो कभी उनकी इन्ही हरकतों के कारण वे खुद ही अपनी जान से हाथ धो बैठते हैं। इस सम्बन्ध में उन्होंने रेलवे प्रशासन को कई पत्र भी लिखें हैं। हालांकि रेलवे ने पहले कई बार इन पर कार्यवाही की हैं, उद्धारण के तौर पर जैसे नीलम बाटा रोड पर बसी झुग्गियां को भी हटाया गया था। इसी प्रकार कई और स्थानों पर बसी झुग्गियां को हटाने के लिए अनुरोध पत्र लिखे गयें हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार से भी उनका अनुरोध है कि इन झुग्गियों को यहां से शिफ्ट कर अन्य सुरक्षित जगह पर बसाया जाये।
-आर.के.लाम्बा इंस्पेक्टर, इंचार्ज, थाना आरपीएफ ओल्ड फरीदाबाद।

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