बारीश ने खोली सरकार व प्रशासन के दावों की पोल

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गुरुग्राम की अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहले भी हो चुकी फजीहत : गहलोत

Gurugram/Alive News : मौसम की पहली बारीश ने किया गुरुग्राम शहरवासियों का हाल-बेहाल कर दिया। पिछले वर्ष गुरुग्राम में जाम को लेकर अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर हुई फजीहत आज सरकार व प्रशासन के पुख्ता इंतजाम ना होने के कारण एक बार फिर सरकार को कटघरे में ला खड़ा कर दिया है। इनेलो शासनकाल के दौरान गुरुग्राम मिलेनियम सिटी व साईबर सिटी के रूप में विश्व के मानचित्र पर उभर कर आया, परन्तु बीजेपी सरकार की गलत नीतियों के कारण आज गुरुग्राम मलिन सिटी बन कर रह गया। उक्त शब्द इंडियन नैशनल लोकदल के वरिष्ठ नेता एंव पूर्व डिप्टी स्पीकर गोपीचन्द गहलोत ने बारीश के बाद शहर के हालात को देखते हुए प्रैस के नाम जारी अपने बयान में कहे।

उन्होंने कहा कि आज की बारीश ने सरकार व प्रशासन के दावों की पूरी तरह से पोल खोल कर रख दी है। ज्ञात हो कि गत दिवस प्रदेश के मुख्यमंत्री भी गुरुग्राम में एक कार्यक्रम में शिरकत की थी उनका काफिला भी जाम में फंस गया था, ऐसा माहौल तो बिना बारीश के था। बारीश के चलते आज शहर में तथा शहर के चारों ओर जलभराव के कारण आम जनमानस को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। आज शहर में बाढ जैसे के हालात नजर आ रहे है। बरसाती पानी की उचित निकासी ना होने के कारण आज शहर के सारे सिवरेज ब्लाक हो रहे है जिससे सीवर का पानी भी बरसात के पानी में मिल चुका है जिससे कोई भी महामारी फैलने की आशंका है।

गहलोत ने कहा कि लोगों के घरों में व व्यवसायिक संस्थानों में गंदा पानी भरने से स्थानीय लोगों को बड़ी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। यदि ऐसा ही चलता रहा तो आम जनमानस के साथ-साथ ओद्योगिक क्षेत्र पर भी इसका पूरा पूरा प्रभाव पड़ेगा। गहलोत ने कहा कि बीजेपी सरकार विकास के नाम पर कोरे आश्वासन देने का काम करती है। यदि सरकार की मंशा ठीक होती और नीति और नीयत साफ होती तो पिछले साल की बारीश के बाद गुरुग्राम शहर में बारीश के पानी के निकाशी की पूरी तरह से व्यवस्था करती परन्तु ‘‘ढाक के तीन पात’’ वाली कहावत यहां देखने को मिलती है।

सरकार के बारीश के पानी की निकासी व जाम को लेकर सभी दावे पूर्णरूप से विफल होते नजर आ रहे हैं। बीजेपी के स्थानीय मन्त्री व सन्तरी केवल अखबारों में अपनी फोटों लगवाने में लगे हुए है, उन्हें गुरुग्राम शहर व निवासियों से कोई सरोकार नहीं है। वर्तमान सरकार का प्रशासन पर कोई पकड़ नहीं है अधिकारी अपनी मनमानी कर रहे है जिसका खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। आज गुरुग्राम नगर निगम के सफाई कर्मचारी भी अपनी मांगों को लेकर कई दिनों से निगम कार्यालय के सामने धरने पर बैठे हुए है ऐसे में शहर की साफ सफाई भी भगवान भरोसे है। सरकार के नुमाइंदों का यह दायित्व बनता है कि ऐसे मामलों को जल्द से जल्द निपटाकर गुरुग्राम के विकास में अपना अमूल्य योगदान देने का काम करें।

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