रामायण देखने आए लोगों को भाजपा नेताओं ने दिखाई महाभारत

0
492
दशहरा के मंच पर केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गूर्जर और हरियाणा के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल में एक दूसरे को उंगली दिखाकर नसीयत देते हुए।

Tilak Raj Sharma/Alive News

Faridabad : भाजपा के केंद्रीय राज्य मंत्री और कैबिनेट मंत्री की आपसी खींचतान दशहरे के सार्वजनिक मंच पर खुलकर सामने आई। एनआईटी दशहरे का कार्यक्रम रावण दहन से पहले राजनीति अखाड़ा बन गया। दशहरे का कार्यक्रम दोपहर से जिला प्रशासन तथा फरीदाबाद सामाजिक और धार्मिक संगठन द्वारा निर्धारित नीतियों के अनुसार चल रहा था।

जैसे-जैसे रावण दहन का समय नजदीक आया, बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतिक रावण, कुमकर्ण और मेघनाथ के पुतले दहन होने के लिए तैयार थे। प्रशासन तथा फरीदाबाद सामाजिक और धार्मिक संगठन द्वारा तैयार किए गए मंच पर अतिथियों का जैसे ही आगमन शुरू होता है। वैसे ही कार्यक्रम के मंच से हरियाणा के उद्योग मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि एनआईटी दशहरे को लेकर जो राजनीति चल रही है वह ठीक नही हैं। धार्मिक कार्यो में भी जो लोग राजनीति कर रहे हैं, उनके अंदर अहंकार आ चुका है। जैसे की रावण के अंदर। उनका सीधा इशारा मंच पर मौजूद भाजपा सरकार में मंत्री कृष्णपाल गूर्जर पर था।

जैसे ही विपुल ने मंच छोड़ा राजनीतिक के मंझे हुए खिलाड़ी केंद्रीय राज्य मंत्री चौधरी कृष्णपाल गूर्जर ने अपने सम्बोधन में कहा कि जीत हमेशा सच्चाई की होती है। धोखा तो किसी के साथ भी हो सकता है, लेकिन जीत सच्चाई की ही होगी। उन्होंने यह भी कहा कि जीवन में जनता के बीच रहकर कभी राजनीति नही, बल्कि वह तो लोगों को पकडक़र राजनीति में लेकर आए, ताकि उन्हें राजनीति सिखाई जा सके। उन्होंने जनता को लगे हाथों यह भी सफाई दी कि उन्होंने कभी किसी की जमीन पर कब्जा नही किया है, ना किसी के पैसे खाएं हैं, और न ही कभी किसी को जुआं, सट्टा खिलवाया है।

आज तक जो भी कार्य किया है ईमानदारी के साथ किया है, उसी का परिणाम जनता ने उन्हें लगातार जीता कर दिया है। उन्होंने अटल बिहारी भाजपेयी के कहे हुए वक्तव्य को माध्यम बनाकर कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल पर तंज कसते हुए कहा कि ‘छोटे मन से कोई बड़ा नही होता और टूटे दिल से कोई खड़ा नही होता’ जिसका मन बड़ा होता है वह जीतता है और छोटे मन वाले का दाव एक बार लग जाता है, फिर जीवन में कभी नही लगता। यह सीधा हमला कैबिनेट मंत्री पर था।

जैसे ही मंच कृष्णपाल ने अपना भाषण देकर छोड़ा, गुस्से में मंच पर खड़े होकर इंतजार कर रहे विपुल गोयल ने एक-दूसरे को सार्वजनिक मंच पर नसीयत देना शुरू करा दिया। मामला इतना बढ़ चुका था कि गुुस्से मेें विपुल गोयल ने वहीं कृष्णपाल पर जमकर बरस पड़े। मचं पर मौजूद आयोजको ने बीच-बचाव किया। लेकिन इस जूतम-पंजार के नजारे को दशहरे मैदान में मौजूद लाखों दर्शकों ने देखा। इससे साफ हो गया कि हरियाणा में भाजपा के दो बड़े नेताओं की गुटबाजी आगामी चुनाव में पार्टी के लिए नुकसान पहुचाएगी।

इसी विवाद के बीच मंच पर पहुंचे पूर्व सांसद एवं मीरापूर के विधायक अवतार भड़ाना ने विपुल का समर्थन करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री पर इशारो में निशाना साधते हुए कहा कि यहां कुछ लोगों ने शहर का माहौल खराब किया हुआ है। ऐसे राजनीति लोगों का अंत जरूर होगा जो जनता को सताते हैं, लूटते है। समय आने पर ऐसे रावण का दहन अवश्य होगा।

उन्होंने कहा कि मुझे पीड़ा है कि ऐसे राजनीतिक लोगों ने फरीदाबाद की जनता का भाईचारा खराब करके रख दिया है। एनआईटी के दशहरे मैदान में भाजपा नेताओं की खुलता आपसी पोल का आनंद जनता ने भी लिया और बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक रावण के पुतले का दहन हुआ।

क्या है वजह
वहां दो संगठनों के बीच दशहरा उत्सव मनाने को लेकर रस्साकसी चल रही थी। एक संगठन का सीधा आरोप था कि केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर व बड़खल विधायक सीमा त्रिखा उनके आयोजन में अड़ंगा डाल रहे हैं। ऐसे में इस संगठन को कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल व यूपी से बीजेपी विधायक अवतार भड़ाना ने अपना समर्थन दे दिया था। मामले का कोई समाधान न निकलता देख जिला प्रशासन ने इस आयोजन को अपने हाथ में ले लिया। शुक्रवार को इस आयोजन में ही कृष्णपाल गुर्जर और विपुल गोयल भी पहुंचे। मंच पर इनका आमना-सामना हुआ तो सुरक्षा कर्मियों से घिरे दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर घटिया राजनीति करने का आरोप लगाया। ऐसे में माहौल काफी गर्म हो गया। विडियो में दोनों बीजेपी नेता एक-दूसरे पर गर्म होते दिखाई दे रहे हैं और फालतू की राजनीति करने का आरोप लगा रहे हैं।

कहते थे छोटा भाई-बड़ा भाई
अभी तक गुर्जर-गोयल एक-दूसरे के खिलाफ पर्दे के पीछे से ही वार करते रहे हैं, लेकिन जिस तरह से शुक्रवार को दशहरा मैदान में सीन देखने को मिला, उससे लगता है कि दोनों के बीच चल रहा विवाद आने वाले दिनों में और अधिक बढ़ सकता है। अभी तक दोनों नेता सार्वजनिक कार्यक्रमों के मंच पर भी शिरकत करते रहे हैं और एक-दूसरे को छोटा-बड़ा भाई कहकर संबोधित करते रहे हैं, लेकिन शुक्रवार को यह पहला मौका था जब दोनों ही एक-दूसरे से भिड़ गए।

इस भिड़ंत के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। वहीं, विपुल गोयल ने मंच से जो संबोधन दिया उससे भी कयास लगाए जा रहे हैं। गोयल ने कहा था कि रावण की तरह उन नेताओं का अहंकार भी जनता वोट की चोट से चूर-चूर कर देगी। माना जा रहा है कि इसके बाद ही दोनों के बीच तनातनी शुरू हुई।

विडियो सामने आने के बाद अपनी सफाई में कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा, ‘धार्मिक कार्यक्रम के मंच से राजनीतिक बात की गई, जो नहीं करनी चाहिए थी। उन्हें लोगों को सिर्फ बधाई देनी चाहिए थी।’ वहीं विपुल गोयल बोले, ‘सामाजिक व धार्मिक कार्यों में किसी भी नेता को दखल नहीं देना चाहिए। जिस तरीके से अरसे दखल दिया जा रहा था, वह अब सार्वजनिक हो गया है।’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here