राष्ट्रवाद पर राजनीति ना करे विपक्ष: मनोहर लाल

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Gurugram/Alive News: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज कहा कि यह देश हमारी भारतमाता है, यह हमें जी जान से प्यारी है। इसकी एकता और अखंडता के लिए हम सबकुछ दांव पर लगा देंगे, यहां तक कि जरूरत पड़ी तो सत्ता भी छोड़ देंगे। श्री मनोहर लाल आज गुरूग्राम में भाजपा कार्यकर्ताओं के अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विरोधी दल भाजपा पर राष्ट्रवाद को मुद्दा बनाने का आरोप लगाते हैं। उन्होंने कहा कि देशभक्ति हमारा संस्कार है और पुलवामा की घटना के बाद हमारी सेनाओं ने आतंकवाद को दबाने के लिए जो काम किया उसकी कांग्रेस ने खिल्ली उड़ाई। इसलिए देश को सच्चाई बताना जरूरी था कि हमारी सेनाओं ने किस प्रकार से बहादुरी का परिचय दिया है। इसके बाद राष्ट्रवाद का मुद्दा बन गया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सन् 1971 में भारत-पाक युद्ध के बाद भारत की जीत हुई और उस वर्ष हुए चुनाव में कांग्रेस भारी बहुमत से विजयी हुई। उस चुनाव में कांग्रेस को राष्ट्रवाद का लाभ मिला। उन्होंने कहा कि राष्ट्रवाद पर राजनीति नही करनी चाहिए। श्री मनोहर लाल ने यह भी कहा कि देशद्रोहियों को दंडित करने के लिए देश मे कानून है, जिसे कमजोर करने की बात कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में लिखी। क्यों, सत्ता चाहिए।

राज राज मे फर्क है, लोग कह रहे हैं- मनोहर लाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए योजनाएं बनाई और लागू की । उन्होंने बताया कि उद्यमियों की सुविधा के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पोर्टल शुरू करके सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध करवाई गई। इससे उद्योगों को फायदा हुआ और हरियाणा प्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में देश में 14वें स्थान से पहले तीन स्थानों मे आ गया है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार की नीतियों से युवा भी संतुष्ट हैं। उन्हें मैरिट पर नौकरी मिल रही है। इस वजह से प्रदेश का युवा अब पढ़ने लगा है और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लग गया है। हमारे प्रदेश में कोचिंग सैंटरों पर भीड़ बढ़ गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्हें गांवों में बताया जाता है कि पहले यदि लड़का नौकरी नही लग पाता था तो उसका दादा कहता था कि सरकार निकम्मी है, परंतु अब मैरिट पर नौकरी दिए जाने से दादा अपने पोते से कहता है कि तुम नौकरी नही लग पाए तो तुम निकम्मे हो, सरकार तो ठीक काम कर रही है। इसीलिए तो अब लोग कहने लगे हैं – राज राज में फर्क है।

48 लाख लोगों ने उठाया अंतोदय सरल केन्द्रों का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधाएं तथा सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध करवाने प्रदेश के सभी जिलों मे अंतोदय सरल केन्द्र खोले गए ताकि लोगों को अपने रोजमर्रा के कार्यों के लिए अलग-अलग विभागों के कार्यालयों मे धक्के ना खाने पड़ें। उन्होंने बताया कि पिछले 2 वर्षों में प्रदेश में 48 लाख लोगों ने अंतोदय सरल केन्द्रों का लाभ उठाया है।

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