Faridabad/Alive News : तत्काल नंबर प्लेट बनाने के नाम पर हो रही लूट को सामाजिक कार्यकर्ता ने जोर शोर से उठाया है। आरटीआई कार्यकर्ता वरूण श्योकंद ने इस बात का खुलासा किया है कि यह लूटपाट प्रशासन के कुछ लोगों की मदद से की जा रही है। वरूण ने बताया कि उन्होनें दो महीने पहले आरटीए विभाग को पत्र लिखकर पूछा था कि क्या तत्काल नंबर प्लेट के नाम पर अतिरिक्त वसूली की जा सकती है। उनके अनुसार तत्काल नंबर प्लेट के नाम पर लोगों को लूटना न्यायसंगत है। पंरतु उनके पत्र का उक्त विभाग ने कोई उत्तर नहीं दिया।

इससे साबित हो गया कि यह लूट एक संयोजित षडयंत्र के तहत की जा रही है। वरूण ने बताया कि इस मामले को लेकर उनकी कई अधिकारियों से खूब बहस हुई। इसका परिणाम यह निकला  कि अधिकारियों ने समझ लिया कि अब इस लूट को अंजाम नहीं दिया जा सकता। वरूण ने बताया कि वह और अखिल महाजन इस मामले को लेकर एडीसी से मिले। एडीसी के समक्ष उन्होंने तमाम तर्क दिए कि तत्काल नंबर प्लेट बनाने को लेकर शहर में सरेआम लूट की जा रही है।

इस मामले को लेकर उनकी उक्त अधिकारी से खूब बहस भी हुई। उनके प्रयासों  का यह नतीजा  निकला कि आरटीए डिपार्टमेंट ने एक पत्र जारी कर कहा कि तत्काल जैसी सुविधा उनकी ओर से जारी नहीं की गई है यदि कोई ऐसा कर रहा है तो वह गलत है। वरूण ने यह भी बताया कि नंबर प्लेट भी वहीं से ही मिलेगी, जहां से इसे बनवाने की पर्ची कटवाई जा रही है। जबकि नंबर प्लेट बनाने वाली एजेंसी इसे लेकर भी लोगों को गुमराह कर रही है। एजेंसी ने अपने बूथों पर यह नोटिस चस्पा किया हुआ है कि नंबर प्लेट की पर्ची कटवाने के बाद प्लेट सैक्टर 58 से लेनी होगी। लेकिन यह नोटिस केवल  लोगों से धन ऐंठने के लिए चस्पा किया गया है।

वरूण ने लोगों से अपील की है कि वह तत्काल नंबर प्लेट के नाम पर लोगों से जबरन रुपए ऐंठने वालों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाएं और मुख्यमंत्री को टवीट के माध्यम से इस बात से अवगत करवाएं। उन्होनें कहा कि शहर में सत्ताधारी भाजपा के तमाम बड़े नेता बैठे हैं, इसके बावजूद लोगों से जबरन ठगी की जा रही है। जोकि सरासर गलत है। वरूण के अनुसार लोगों को ऐसे मामलों में एकजुट होकर संघर्ष कर लूटपाट करने वालों का विरोध करना चाहिए।

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