RTI एक्टिविस्ट वरुण श्योकंद पर धोखाधड़ी का एक और केस दर्ज

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Faridabad/Alive News : फरीदाबाद सर्किल के अधीक्षक अभियंता के निर्देश पर बिजली निगम ने आरटीआई एक्टिविस्ट वरूण श्योकंद के खिलाफ एक और मामला दर्ज करवाया है। पलवल कैंप थाना पुलिस ने कार्यकारी अभियंता की शिकायत पर विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज मामला किया है।

आरटीआई एक्टिविस्ट श्योकंद पहले से ही धोखाधडी के ऐसे ही एक मामले नीमका जेल में बंद हैं। आरटीआई एक्टिविस्ट श्योकंद की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। फरीदाबाद सर्किल के अधीक्षक अभियंता के निर्देश पर आरोपी पर अभी और भी कई मामले दर्ज हो सकते हैं। बिजली निगम में इस मामले में तेजी से जांच जारी है।

पिछला केस
पिछले दिनों जहां बिजली निगम के कंस्ट्रक्शन डिवीजन के कार्यकारी अभियंता बीके रंजन ने वरूण श्योकंद के खिलाफ मुजेसर थाना फरीदाबाद में जालसाजी व धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करवाया था। इस मामले में अब वरूण श्योकंद नीमका जेल में बंद हैं।

नया मामला
अब एक नए मामले में फरीदाबाद सर्किल के अधीक्षक अभियंता नरेश कक्कड़ की जांच रिपोर्ट क्रमांक 7, जांच क्रमांक 11-एफबीडी-15, दिनांक 23 मई 2020 के आधार पर डीएचबीवीएन पलवल के कार्यकारी अभियंता ने वरूण श्योकंद के खिलाफ पलवल कैंप थाना में भादस की धारा 420, 467, 468, 471 के तहत मामला दर्ज करवाया है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के आधार पर फरीदाबाद के अधीक्षक अभियंता से प्राप्त निर्देशों पर पलवल के कार्यकारी अभियंता ने पलवल के अधीक्षक अभियंता की मंजूरी पर यह अभियोग अंकित करवाया है।

42 लाख का ठेका था
कार्यकारी अभियंता शिवराज सिंह ने कैंप थाना पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया है कि आरोपी वरूण श्योकंद ने अपनी फर्म मैं श्योकंद इलैक्ट्रिकल कारपोरेशन, मकान नंबर 1157, सेक्टर 9, फरीदाबाद के नाम पर सन 2009 में पलवल सर्किल की सब अर्बन सब डिवीजन में 42 लाख 86 हजार 395 रूपए की लागत की नए ट्यूबवैल कनेक्शन लगाने की बोली में भाग लिया था। सबसे कम बोली लगाने पर यह ठेका उनकी फर्म के नाम पर अलाट हुआ था।

जुर्माना लगा
श्योकंद ने यह काम समय पर नहीं किया, जिसके चलते उनकी फर्म पर बोली की कुल लागत के 10 प्रतिशत जुर्माना भी लगाया गया था। बाद में जांच करने पर पाया गया कि वरूण श्योकंद ने यह ठेका फर्जी कागजातों के आधार पर लिया था।

फर्जी बैलेंस शीट का आरोप
सीए आर के तायल ने भी जांच के दौरान बताया कि उन्होनें मैसर्ज श्योकंद इलेक्ट्रिकल कारपोरेशन नामक फर्म की कोई बेलेंस शीट नहीं बनाई है। जो बैलेंस शीट फर्म द्वारा बिजली निगम में जमा कराई गई है, उस पर उनके नाम की मोहर भी नकली लगाई गई है। इसके अतिरिक्त फर्म द्धारा जमा कराई गई चीफ इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर की रिपोर्ट भी जाली है।
इस प्रकार वरूण श्योकंद ने धोखाधड़ी कर निगम को लाखों रूपए की चपत लगाई है। सूत्रों का कहना है कि सेक्टर 7 थाने में भी ऐसा ही एक मामला दर्ज किए जाने की कार्रवाई चल रही है।

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