कोरोना काल में शिक्षकों के हौसले को सलाम

0
44
Sponsored Advertisement

शिक्षक खुद जलकर अपने छात्र के जीवन को प्रकाशित करते है, वैसे तो ये प्रत्येक दिन पूजनीय है लेकिन आज उन तमाम शिक्षकों को अलाइव न्यूज़ सलाम करता है जो कोरोना के इस बुरे दौर में भी बच्चों को शिक्षित करना अपना प्रथम कर्तव्य समझते है। शिक्षक दिवस के अवसर पर हमारे संवाददाता द्वारा आज ऐसे ही कुछ शिक्षकों से बात की जो समाज में देश के भविष्य को बनाने का काम कर रहे है।

आज सभी के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण दिवस है। क्योंकि आज हम सब जो भी अपने अध्यापकों की वजह से है। बच्चों तथा समाज के विकास के लिए अध्यापकों का विशेष महत्त्व है। अध्यापक भी कोरोना वॉरियर है। कोरोना काल में अध्यापकों ने स्वयं में सबसे ज्यादा बदलाव किया है। ऑनलाइन शिक्षा से बच्चो के साथ जुड़े है। इनका योगदान सराहनीय है।

-ज्योति दहिया, प्रधानाचार्या, डीएवी पब्लिक स्कूल, एनएच-3।

 

शिक्षक दिवस की सभी अध्यापकों, विद्यार्थी एवं अध्यापकों को सर्वप्रथम शुभकामनाएं। कोविड-19 के इस बुरे दौर में ऑनलाइन शिक्षा देकर अपनी लग्न, समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा का जो परिणाम दिया है। वह पूरे समाज के लिए सराहनीय और वंदनीय है। उनको मैं अपनी ओर से धन्यवाद देता हूँ। जैसे पूरे देश ने डॉक्टर्स और सुरक्षाकर्मियों को कोरोना योद्धा माना है। उसी प्रकार अध्यापकों को कोरोना योद्धा का सम्मान मिलना चाहिए जिन्होंने इस आपातकाल में भी देश के दशा और दिशा बदलने का काम किए है। उन शिक्षकों को मैं नमन करता हूँ।

-भारत भूषण शर्मा, डायरेक्टर, कुन्दन ग्रीन वैली स्कूल।

 

अध्यापक दिवस पर सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्ण को आदर्श मानते हुए सभी अध्यापकों को एक संकल्प अवश्य लेना चाहिए कि शिक्षक का उद्देश्य केवल शिक्षा देना होना चाहिए। ताकि देश का भविष्य कहे जाने वाले बच्चे देश के अच्छे नागरिक बन सके। जैसे कोविड-19 के समय के समय में भी हमारे उन कोरोना योद्धा अध्यापकों ने देश के भविष्य सवारने के लिए ऑनलाइन शिक्षा देनी जारी रखी और जारी किये हुए है। उन शिक्षकों को वास्तव में कोरोना योद्धा मानती हूँ और धन्यवाद करती हूँ।

-ममता भड़ाना, चेयरमैन, रोज वैली इंटनेशनल स्कूल।

 

सबसे पहले अध्यापक दिवस पर अध्यापकों को शुभकामनाएं। आज अध्यापकों ने स्वयं में बहुत बदलाव किये ही और बच्चो को ऐसे विपरीत समय में भी ऑनलाइन शिक्षा प्रदान कर रहे है। शिक्षकों को निस्वार्थ रूप से बच्चों को पढ़ाना चाहिए। बच्चों को अपने बच्चे समझते हुए स्वयं से ज्यादा ज्ञान देना चाहिए और तरक्की के मार्ग पर अग्रसर करना चाहिए।

– सरदार मंजीत सिंह, शिक्षक एवं अंतर्राष्ट्रीय कवि

Print Friendly, PDF & Email