सोहना रोड की सुन्दर कॉलोनी में महिलाओं की सुरक्षा राम भरोसे

0
28

कॉलोनी के मुख्य रास्ते पर असामाजिक तत्व और हाईवे के वाहन चालकों के भद्दे कमैंट्स

Faridabad/Alive News: पूरे देश में महिला सुरक्षा को लेकर सामाजिक संस्थाए, राजनैतिक दल ही नहीं बल्कि पुलिस प्रशासन भी सतर्क है। ये सभी लोग घटना होने के बाद सतर्क दिखाए देते है लेकिन समय रहते ये लोग व्यवस्था के खिलाफ और व्यवस्था बनाने में उतने सक्रिय नहीं दिखाई देते। आज फरीदाबाद जैसे औद्योगिक क्षेत्र में बसी अवैध कॉलोनियों में कामकाजी महिलाएं अपने घर तक पहुंचने के लिए बहुत बड़ा जोखिम उठा रही हैं, उन्हें हर रोज अँधेरे और सुनसान रास्तों से हो कर गुजरना पड़ रहा है। यहां तक की कई अवैध कॉलोनियों में बिजली के खंभे तो लगे हुए है लेकिन उन पर स्ट्रीट लाइट नहीं है।

ऐसी ही एक कॉलोनी जो सोहना रोड नंगला गुजरान के राजकीय माध्यमिक वरिष्ठ विद्यालय के सामने बसी है। इस कॉलोनी का नाम सुन्दर कॉलोनी रखा हुआ है, जिसमे लगभग 500 से अधिक गरीब लोगों के आशियाने है। परन्तु यहां की व्यवस्था रहने योग्य नहीं है। कॉलोनी में अंदर और बाहर जाने के लिए एक सार्वजनिक रास्ते है, जो रात के समय वीरान कब्रिस्तान जैसा सुनसान हो जाता है, इस रास्ते पर एक भी स्ट्रीट लाइट नहीं है। कामकाजी महिलाएं व लड़कियों के लिए यह स्थिति खतरे से खाली नहीं है। क्योंकि यह कॉलोनी सोहना हाईवे पर लगती है, कॉलोनी में जाने का एकमात्र रास्ता फैक्ट्रियों और सुनसान जंगल से जाता है , जिस पर कई बार कामकाजी महिलाओं के साथ ट्रक चालक और असामाजिक तत्वों ने छेड़छाड़, भद्दे कमैंट्स तक करने की शिकायत की कॉलोनी की लोगों की तरफ से मिल रही है।

क्या कहना है सुरक्षा को लेकर कॉलोनी की महिलाओं का
सोहना हाईवे स्थित सुन्दर कॉलोनी की एक महिला बताया कि शाम ढलते ही कॉलोनी में रहने वाले लोग अपने बच्चों सहित अपने आप को घर के अंदर बंद कर लेते है और जो महिलाएं कामकाजी है उनके लिए परिवार के लोग हाईवे पर आकर उनका घंटों इंतजार करते है। मैं चाहती हूँ कि कॉलोनी में आने वाले रास्ते पर पुलिस प्रशासन, नगर निगम से कहकर स्ट्रीट लाइट लगवाएं ताकि कॉलोनी में आनेवाली महिलाओं को असामाजिक तत्वों का सामना न करना पड़े।

एक अन्य महिला ने कहा कि मैं सरूरपुर औद्योगिक क्षेत्र में काम करती हूँ और अपना परिवार चलाने के लिए कंपनी में 9 बजे तक ओवरटाइम लगाती हूँ, उससे घर पहुंचते हुए करीब साढ़े नौ बज जाते है। जब कॉलोनी के मुख्य रास्ते पर ऑटो से उतरती हूँ तो अँधेरा होने के कारण कई ट्रक चालक और असामाजिक तत्व नशे में खड़े रहते है और भद्दे कमैंट्स करते है। वह चाहती है कि रास्ते पर लाइट के साथ साथ पुलिस की तैनाती हो।

Print Friendly, PDF & Email