शीतकालीन अवकाश के बाद होगा बच्चों के लर्निंग लेवल में सुधार

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Fatehabad/Alive News : उपायुक्त डॉ. जे.के. आभीर ने सक्षम हरियाणा योजना को लेकर जिला शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें निर्देश दिए कि सर्दियों की छुट्टियों के बाद बच्चों के लर्निग लेवल में सुधार लाने के लिए योजना बनाएं। उपायुक्त ने सभी स्टार टीचर से भी कहा कि सक्षम हरियाणा योजना के तहत बच्चों को उनकी कक्षानुसार उनके ज्ञानस्तर में वृद्धि करने के कार्य में अपना अपेक्षित सहयोग दें।

उक्त वाक्य उपायुक्त ने शुक्रवार को जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में जिला व खंड स्तर की मॉनिटरिंग टीम की बैठक को संबोधित करते हुए कहे। उपायुक्त ने कहा कि कई स्कूलों ने उम्मीद से बेहतर परिणाम दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है कि बच्चे को बेसिक नॉलेज होनी चाहिए, इसके लिए टीचर एक महत्वपूर्ण कड़ी है। टीचर को चाहिए कि वह अपने प्रोफेशन के साथ न्याय करते हुए अपनी जिम्मेवारियों का निर्वहन करे। उन्होंने कहा कि बच्चों को हिंदी वर्णमाला और अंग्रेजी की शब्दावली पर विशेष ध्यान दिया जाए। भाषायी ज्ञान के बेहतर होने से बच्चों का लर्निग लेवल में बढ़ोतरी होगी।

डॉ. आभीर ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कहा कि अभिभावक-अध्यापक मीटिग भी निरंतर होनी चाहिए ताकि अभिभावकों को बच्चों के बारे में पता लग सके और अध्यापक को भी बच्चे का फीडबैक प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि होशियार बच्चों का समूह बनाया जाए और उस समूहों में विषयानुसार वाद-विवाद व चर्चा करवाई जाए, इससे जहां बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ेगा वहीं दूसरे बच्चों के ज्ञान को ग्रहण भी कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि कक्षानुसार स्टार स्टूडेंट का भी चयन किया जाए। उन्हें प्रोत्साहित करे और दूसरे बच्चों को इससे प्रेरणा मिलेगी तथा वे अपने प्रदर्शन को अच्छा सिद्ध कर पाएंगे।

उन्होंने कहा कि स्वयं मुख्याध्यापक भी समय-समय पर बच्चों की कक्षा लें व बच्चों के साथ संवाद करे। टीचर डायरी भी चैक करें, टीचर डायरी अध्यापक का दर्पण है इस पर विशेष ध्यान दें। टीचर डायरी में प्रत्येक बच्चे की परर्फोमेंस भी दर्ज हो, यह भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग अवकाश के दिनों में अध्यापकों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित करवाएं और उन्हें बच्चों के लर्निंग लेवल सुधार के लिए उठाए जाने वाले कदमों बारे विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें।

उन्होंने कहा कि एक ऐसी प्रश्रावली तैयार करे, जिसमें बच्चों के कक्षानुसार लर्निंग लेवल को जांचा जा सके। प्रश्रावली को तैयार करने के लिए डाईट के प्रशिक्षकों को दिशा निर्देश दिए और कहा कि वे प्रतिदिन कक्षा की क्षमता अनुसार 10-10 प्रश्र तैयार करेंगे तथा जिला व खंड स्तर पर बनाए गए ग्रुप में इसे शेयर करेंगे। इसके अलावा सभी अध्यापक भी अपनी कक्षानुसार प्रतिदिन 5-5 मौलिक प्रश्र तैयार कर उसकी तैयारी करवाएंगे। उन्होंने जिला व खंड स्तर पर बनी टीम से कहा कि वे अपनी मैपिंग के अनुसार स्कूलों का औचक निरीक्षण करें और प्रतिदिन दिए गए प्रश्रावली अनुसार बच्चों का मूल्यांकन जांचे।

उपायुक्त ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि कम प्रदर्शन करने वाले स्कूलों की लिस्ट तैयार करवाए और 16 जनवरी को इन स्कूलों के मुख्याध्यापकों की कार्यशाला आयोजित कर उन्हें नये अभियान बारे जानकारी दें। बैठक में सीएमजीजीए सुश्री प्रियंका कंडोला, डीईओ दयानंद सिहाग, डीईईओ देवेन्द्र कुंडु, डिप्टी डीईओ भागीरथ पंवार सहित जिला व खंड स्तर की मॉनिटरिंग टीम सदस्य मौजूद थे।

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