शिक्षा भारती के विद्यार्थियों ने लिया प्रदूषण रहित दीपावली मनाने का संकल्प

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Fariadabd/Alive News : पर्यावरण की सुरक्षा व प्रदूषण से मुक्ति को ध्यान में रखते हुए शिक्षा भारती पब्लिक स्कूल में प्रदूषण रहित दीपावली मनाने का संकल्प लिया. स्टाफ के साथ मिलकर स्कूल के छात्र-छात्राओं ने सारे स्कूल को पुष्प मालाओं के साथ सजाया, सुंदर रंगोली बनाई तथा दीपक जलाकर दीपावली का स्वागत किया. इस अवसर पर उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए स्कूल की प्रिंसिपल सुशील गेरा ने कहा कि रावण की पराजय अंधकार की भी पराजय थी. इसलिए विजय के उत्सव की पूर्णता पर घर-घर दीप जल उठे और आज भी दीपावली की रात को अमावस्या अंधेरे कि नहीं, उजाले की कथा कहती है. दीपावली के शुभ अवसर पर आतिशबाजी ना करने की सलाह देते हुए ग्रीन दीपावली मनाने को कहा.
श्रीमती गेरा ने कहा कि दिवाली पर प्रत्येक व्यक्ति को पर्यावरण का ख्याल रखना चाहिए. पर्यावरण ठीक होगा तो स्वास्थ्य बना रहेगा. पर्यावरण विशेषज्ञों की मानें तो वातावरण में फैल रहे प्रदूषण के कारण समूची मानव जाति प्रभावित हो रही है। बहुत से लोग प्रदूषण फैला कर पर्यावरण के लिए खतरा बन रहे हैं, ऐसे लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए. पर्यावरण की सुरक्षा हम सब की सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी है। इसलिए दीपावली के अवसर पर आतिशबाजी ना करके केवल दीपक जलाकर दिवाली मनाएं तथा प्रदूषण नियंत्रित करने में अपनी जिम्मेवारी निभानी चाहिए।
स्कूल के वाइस प्रिंसिपल विनीत गेरा ने कहा कि दीपावली सभी के लिए मंगलमय होनी चाहिए.  हमें पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए, आतिशबाजी करने से प्रदूषण बढ़ता है जिसका जनमानस के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है. आप ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही में दिए गए आदेश के अनुसार पटाखे जलाने वालों के विरुद्ध पुलिस में भी मामला दर्ज होगा. पटाखे जलाने से उत्पन्न होने वाले वायु प्रदूषण व ध्वनि प्रदूषण से सभी को नुकसान होता है. आप ने सभी से अपील करते हुए कहा कि दीपावली पर दीपक जलाएं मिठाइयां बांटे तथा अपने घरों के आसपास साफ सफाई रखें.
कार्यक्रम के अंत में मंच संचालिका स्वाति गेरा ने अपने संदेश में कहा कि दीपक को जब ज्योति मिलती है तो अंधेरा हार नहीं लगता है और धनी अंधेरी अमावस्या रोशनी का पर्व बनकर दीपावली हो जाती है. अपने बच्चों से कहा कि एक दीपक लो और उसमें श्रद्धा की बातें रख दो और विश्वास की अग्नि का स्पष्ट देकर अपने जुटाए हुए सामर्थ का सारा घृत धीरे-धीरे बाती को देते रहो, अंधेरा हार जाए और तुम प्रकाश के स्वामी बनो जो तुम्हारा होकर भी सबका हो जाए. दीपावली पर हम अपने प्रकाश को पा जाए और फिर इसे सब में बांट दें तो यह पर्व सार्थकता का साधन बन सकता है. ऐसी सार्थकता जो सदैव मनुष्य और दीपक को प्रकाश देती रही है. सभी को प्रदूषण रहित दीपावली मनाने की शपथ दिलाई गई और दीपावली के शुभ अवसर पर शुभकामनाओं के आदान-प्रदान के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ.

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