त्वचा एलर्जी की अनदेखी हो सकती है बड़ी लापरवाही : डॉ. एस.सी गुप्ता

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Faridabad/Alive News : भीषण गर्मी के बाद हुई राहत भरी मानसून की बारिश में नहाना हर कोई पंसद करता है। लेकिन मानसून की बारिश अपने साथ कई त्वचा संबंधी बीमारीयों को भी पैदा करती है। झमाझम हुई बारिश के बाद त्वचा रोग के मरीजों की संख्या में बढोत्तरी हुई है। इसका अंदाजा बी.के अस्पताल में आने वाले चर्म रोग मरीजों की लंबी कतारों को देखकर लगाया जा सकता है।

बी.के अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. एस.सी गुप्ता का कहना है कि गर्मी के बाद मानसून की बारिश के कारण हवा में हुई नमी से खुजली, दाद, खाज, एलर्जी के मरीजोंं में इजाफा हुआ हैं। डॉ. ने बताया कि ओपीडी में एक दिन में लगभग 250 से ज्यादा मरीज आ रहे हैं। इनमें अधिकतर चर्म रोग मरीजों को फंगल इंफेक्शन (दाद) की शिकायत है। बारिश के पानी के कारण दाद की समस्या सबसे ज्यादा निकल कर आती है। डॉ. ने बताया कि दाद की पहचान शरीर में लाल व भूरें रंग के गोल-गोल छल्ले के रूप में की जा सकती है।

जिसमें पसीने और बरसात का पानी लगने पर बहुत खुजली और जलन के साथ-साथ पानी का स्त्राव भी होने लगता है। यह सिर, चेहरे, पीठ व पैरों में हो सकता है। डॉ. ने कहा कि इसमें जरा सी लापरवाही पर खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। इसलिए शरीर में किसी भी प्रकार की एलर्जी होने पर इसे अंनदेखा करने की बजाए तुंरत डॉक्टर से संपर्क कर परामर्श ले।

चर्म रोग विशेषज्ञों के महत्तवपूर्ण टिप्स
1. टेरीकोट कपड़े पहनने की वजाए सूती हवादार कपड़े पहने।
2. जितना हो सके बारिश में भीगने से बचे।
3.खराब मौसम में छाता लेकर ही निकले।
4. बारिश में भिगने के बाद साफ पानी से स्नान जरूर करे।
5. आस-पास स्वच्छता का विशेष ध्यान रखे।्
6. साफ और स्वच्छ कपड़ो का इस्तेमाल करें।
7. बच्चों को मरीजों से दूर ही रखे।
8.बाहर का स्ट्रीट फूड खाने से बचे।
9. खाने को खुला रखने की वजाए सदैव ढककर रखे।
10. साफ-स्वच्छ और ताजा भोजन ही करेंं।

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