सामाजिक और मनोवैज्ञानिक समस्या है ड्रग्स की लत : अल्पना मित्तल

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Palwal/Alive News : जिला कारागार पलवल में पलवल डोनर्स क्लब और महावीर इन्टरनेशनल पलवल ‘उडान’ के सयुक्त तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय नशा व मादक पदार्थ निषेध दिवस के अवसर पर परिरुद्ध बन्दीयों और कारागर कर्मचारियों को नशा उन्मूलन के लिए जागरुक किया गया। कार्यक्रम में पलवल डोनर्स क्लब के मुख्य संयोजक आर्यवीर लायन विकास मित्तल ने बताया कि 7 दिसम्बर 1987 को संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) द्वारा 26 जून को नशीली दवाओं के सेवन के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाये जाने की घोषणा की गयी।

उन्होंने यह भी बताया कि नशे सें लगभग हर 13 सैकण्ड के बाद एक व्यक्ति की मृत्यु होती है। ये बहुत जरुरी है कि वैश्विक स्तर पर तंबाकू सेवन के प्रयोग पर बैन या इसे रोका जाये क्योंकि ये कई सारी बीमारियों का कारण बनता है जैसे दीर्घकालिक अवरोधक फेफड़ों संबंधी बीमारी (सीओपीडी), फेफड़े का कैंसर, हृदय घात, स्ट्रोक, स्थायी दिल की बीमारी, वातस्फीति, विभिन्न प्रकार के कैंसर आदि।

तंबाकू का सेवन कई रुपों में किया जा सकता है जैसे सिगरेट, सिगार, बीड़ी, मलाईदार तंबाकू के रंग की वस्तु (टूथ पेस्ट), क्रिटेक्स, पाईप्स, गुटका, तंबाकू चबाना, सुर्ती (हाथ से मल के खाने वाला तंबाकू), तंबाकू के रंग की वस्तु, जल पाईप्स, स्नस आदि। इसलिये तंबाकू उत्पादों के इस्तेमाल पर भी रोक लगाने के लिये ये बहुत जरुरी है। महावीर इन्टरनेशनल की चैयरपर्सन वीरा अल्पना मित्तल ने बताया कि ड्रग्स का सेवन या ड्रग्स की लत एक सामाजिक और मनोवैज्ञानिक समस्या है जो न केवल पूरे विश्व के युवाओं को प्रभावित करती है बल्कि विभिन्न आयु के लोगों को भी प्रभावित करती है।

यह व्यक्तियों और समाज को कई क्षेत्रों में नष्ट कर देती है। कार्यक्रम में कारागार के चिकित्सक महेश पाल ने भी उपस्थित लोगों को तम्बाकू से होने वाले दुष्प्रभाव और बीमारियों के बारे में जागरुक किया। अन्त में कार्यकारी उप जेल अधीक्षक अमरजीत ने शिविर के आयोजकों का धन्यवाद करने के साथ-साथ सभी से नशा और शराब छोडऩे का आहवान किया।

कार्यक्रम में उपस्थित कर्मचारियों और परिरुद्ध बन्दीयों ने नशा मुक्त समाज निर्माण में सहयोग देने का आश्वासन भी दिया। इस अवसर पर की सह सहायक जेल अधीक्षक देश राज और सह सहायक जेल अधीक्षक नरेश पाल हुड्डा, फार्मासिस्ट विजय कालरा, परमिन्द्र, सिराजुद्दीन आदि उपस्थित थे।

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