तूफान और बरसात के दौरान बच्चे, बुजुर्गो और पशुओ का विशेष ध्यान रखे : डॉ. सिंह

0
268

Faridabad/Alive News : मौसम विभाग की सूचना के अनुसार 7 व 8 मई को तेज तूफान और बरसात की उम्मीद है, इसलिए विषय विशेषज्ञ आपदा प्रबंधन और चीफ वार्डन सिविल डिफेंस डॉक्टर एम.पी.सिंह का कहना है कि पूर्वानुमान को मध्य नजर रखते हुए नागरिकों को अपनी जान माल की रक्षा और सुरक्षा के उपायों को स्वयं अपनाना चाहिए। तूफान और बरसात के दौरान अपने बच्चे, बुजुर्गों और पालतू पशुओं का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इस दौरान किसी को भी पेड़ पौधों, बिजली के खंभों और हाईटेंशन वायर के नीचे नहीं जाना चाहिए।

अपने पालतू पशुओं को पेड़-पौधों के नीचे नहीं बांधना चाहिए। बच्चों को पेड़ पौधों के नीचे और दीवार के पास में नहीं खेलने देना चाहिए। इस अवसर पर खाने की सूखे पदार्थों और पीने का पानी अपने घर में पर्याप्त मात्रा में रखना चाहिए।

ऐसे समय पर किसी भी प्रकार की अफवाह नहीं पालनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन और पुलिस का साथ व सहयोग देना चाहिए। आपातकालीन नंबरों का पूर्ण ज्ञान होना चाहिए और उनसे संपर्क रखना चाहिए। सोशल मीडिया पर अधूरे ज्ञान में और अज्ञानता में कुछ गलत नहीं लिखना चाहिए, यदि बरसात का पानी आपकी गली मोहल्ले में भर जाता है तो उन रास्तों का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

जो लोग आपके घर से बाहर हैं, उनको किसी भी माध्यम से संपर्क करके बता देना चाहिए। लेकिन अधिक भयभीत ना हो और दूसरों के अंदर भी भय पैदा करने की कोशिश ना करें। पूर्वानुमान संभावना होती हैं, हो भी सकता है और नहीं भी हो सकता, जरूरी नहीं है। लेकिन जागरूक होना बहुत जरूरी है जागरूकता से किसी भी क्षति से बचा जा सकता है। ऐसी स्थिति में कई बार चोट लगने की संभावना हो जाती है, इसलिए पहले से ही प्राथमिक सहायता का एक बॉक्स और टॉर्च तैयार करके रखें, ताकि आपातकालीन स्थिति पर काबू पाया जा सके।

डॉक्टर एम.पी. सिंह ने बताया कि ऐसे समय में ज्यादा अंदर बाहर नहीं निकलना चाहिए। अपने सिर को बचाने के लिए हेलमेट पहनना चाहिए यदि, आपके घर की दीवारों पर कुछ चित्र शीशे में मढे हुए लगे हैं तो उनको उतार लेना चाहिए। यदि बहुमंजिला इमारतों की मुडेली पर कुछ गमले आपने टांग रखे हैं तो उनको उतार कर जमीन पर रख लेना चाहिए।

रात को सोते समय इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों के पलग को निकाल देना चाहिए। बीड़ी सिगरेट का प्रयोग करने वाले लोगों को ऐसे समय पर विशेष एहतियात बरतनी चाहिए। कहीं पर भी सुलगती हुई आग नहीं छोडऩी चाहिए। रात के समय सिलेंडर की नोब को बंद कर देना चाहिए। ज्वलनशील पदार्थों को यथा योग्य स्थान पर रखना चाहिए यदि आप अनपढ़ हैं गूंगे बहरे और दिव्यांगजन हैं तो उनकी जेब में उनके नाम पता संपर्क सूत्र अवश्य होना चाहिए।

सिंह ने बताया कि ऐसी स्थिति में इलेक्ट्रिक एक्सीडेंट से बचने के लिए बिजली कट कर दी जाती है। इसलिए बेचैन ना घबराए नहीं हिम्मत ना हारे और दूसरों के लिए परेशानी पैदा ना करें। आग लगने की स्थिति में 101 नंबर, सूचना देने के लिए 100 नंबर, और रोगी को अस्पताल पहुंचाने के लिए 102 नंबर का प्रयोग कर सकते हैं अधिक जानकारी के लिए 9810566553 पर संपर्क कर सकते हैं। इस अवसर पर माननीय शिक्षा मंत्री प्रोफेसर रामविलास शर्मा ने भी सभी विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए 7 और 8 मई की छुट्टी कर दी है।

माननीय उपायुक्त अतुल कुमार द्विवेदी ने भी शहर में हाई अलर्ट कर दिया है, और सभी संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अग्निशमन विभागों को भी सूचित कर दिया गया है, कि आग बुझाने से संबंधित सभी उपकरणों को तैयार कर लें। और नगर निगम के संबंधित अधिकारियों को भी जे.सी.बी और बुलडोजर तैयार करने के आदेश दे दिए गए हैं पुलिस विभाग के द्वारा सभी चौकियों और थानों में जरूरी कार्यवाही करने के दिशा निर्देश कर दिए गए हैं।

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और नागरिक सुरक्षा को भी बचाव पक्ष की सभी तैयारियां करने के लिए कह दिया गया है। डॉ सिंह का मानना है कि जागरूकता के द्वारा ही प्राकृतिक आपदा से बचा जा सकता है इसके लिए आपसी साथ और सहयोग बहुत जरूरी है प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का भी साथ और सहयोग बहुत जरूरी है कि जनहित में सही तथ्यों के आधार पर ही खबरों को प्रकाशित करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here