स्वामी सानंद के समर्थकों, गंगा भक्तों और देश की जनता से अपील

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भाईजी प्रणाम,
आप स्वामी सानंद की सरकार द्वारा की गई हत्या के हालातों से परिचित हैं ही। दूसरे संत को भी मारने का सरकार षडयंत्र कर रही है। उनको भी मातृ सदन, हरिद्वार से उठाकर रिषीकेश स्थित एम्स से पीजीआई चंडीगढ में जबरदस्ती हाथ पैर बांधकर भोजन देकर मारने की कोशिश की जा रही है। साथ ही स्वामी सानंद के समर्थन में किये जा रहे आंदोलन को कुचलने का भरसक प्रयास कर रही है।

स्वामी गोपालदास जी को रिषीकेश से चन्डीगढ पीजीआई उबड़-खाबड़ रास्तों से ले जाते हुए एम्बुलैंस का तीन बार एक्सीडेंट का प्रयास, अभिव्यक्ति की आजादी को दबाने और मां गंगा की अविरलता-निर्मलता के लिए अहिंसक संघर्ष करने वालों को मारने का षडयंत्र आपातकाल और तानाशाही के दौर का जीता-जागता सबूत है। यह इस बात का परिचायक है कि सरकार कुछ भी करे, उसके विरोध का खामियाजा तुम्हें जान देकर चुकाना होगा।

यह सरकार मां गंगा के बेटे की सरकार नहीं है, गंगा को बर्बाद और गंगा के भक्तों की हत्या करने वाली सरकार है। गंगा के लिए जो कानून का मसौदा केन्द्र सरकार लायी है, वह झूठ के पुलिंदे के अलावा कुछ नहीं है। वह झूठा इसलिए है कि उसमें स्वामी सानंद के गंगा कानून के मसौदे जैसा कुछ भी नहीं है। इसलिए अब समय आ गया है कि सरकार के इस कदम का पुरजोर विरोध किया जाये और जनता को जागृत किया जाये।

ज्ञानेंद्र रावत का गाजियाबाद से संपादक के नाम पत्र

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