नई दिल्ली  : सुपर-10 में सबको मात देने के बाद न्यूजीलैंड के हौसले बुलंद हैं। खास बात यह कि भारत की स्पिन पिचों पर उसके स्पिनरों ने अभी तक शानदार प्रदर्शन किया है। ऐसे में एक बार फिर उसे बुधवार को इंग्लैंड के खिलाफ दिल्ली के फिरोजशाह कोटला में होने वाले पहले सेमीफाइनल में स्पिनर मिचेल सैंटनर और ईश सोढ़ी से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी।

मैच आज शाम 7.30 बजे शुरू होगा।

न्यूजीलैंड के नाम नहीं है कोई खिताब
न्यूजीलैंड टीम को 2010 के चैंपियन इंग्लैंड के खिलाफ जीत का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। अब तक कोई भी विश्व खिताब नहीं जीत पाई न्यूजीलैंड के लिए यह सुनहरा मौका है। वह अपने महान खिलाड़ी और कप्तान दिवंगत मार्टिन क्रो जीत के साथ श्रद्धांजलि देना चाहेगी। मौजूदा टीम के मार्टिन गप्टिल, रॉस टेलर और ग्रांट इलियट जैसे खिलाड़ियों के इस पूर्व कप्तान से करीबी संबंध रहे हैं।

केन विलियम्सन के रूप में न्यूजीलैंड के पास प्रभावी कप्तान है जो हालात से सामंजस्य बैठाने और स्थिति की जरूरत के मुताबिक बदलाव करने को तैयार रहते हैं और यही कारण है कि टीम अपने सभी ग्रुप मैच जीतने में सफल रही।

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सैंटनर-सोढ़ी का रोल अहम
हालांकि न्यूजीलैंड के हीरो बाएं हाथ के स्पिनर सैंटनर और लेग स्पिनर सोढ़ी रहे हैं। सैंटनर ने 15 ओवर में 86 रन खर्च करके अब तक 9 विकेट हासिल किए हैं जबकि सोढ़ी ने 15.4 ओवर में सिर्फ 78 रन खर्च करके 8 विकेट चटकाए हैं। ऑलराउंडर ग्रांट इलियट और बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मिचेल मैक्लीनेगन ने भी क्रमश: तीन और चार विकेट हासिल करके अच्छा सहयोग दिया है जिससे टीम चार मैचों में से तीन बार प्रतिद्वंद्वी टीम को ऑलआउट करने में सफल रही है।

न्यूजीलैंड ने चार अलग-अलग मैदानों पर जीत दर्ज की है। नागपुर की स्पिन के अनुकूल पिच पर उसने भारत को 47 रन से हराया, जबकि धर्मशाला में टीम ने ऑस्ट्रेलिया को आठ रन से शिकस्त दी। मोहाली में बल्लेबाजी की अनुकूल पिच पर पाकिस्तान को 22 रन से हराने के बाद न्यूजीलैंड ने कोलकाता में बांग्लादेश को 75 रन से रौंदा।

बोल्ट-साउदी को नहीं मिला मौका
न्यूजीलैंड में स्पिनरों के दबदबे का अंदाजा इस बात से लगता है कि ट्रेंट बोल्ट और टिम साउदी जैसे दो शीर्ष तेज गेंदबाजों को अब तक खेलने का मौका नहीं मिला है।

टीम के पास ऑफ स्पिनर नैथन मैक्कलम भी हैं और इंग्लैंड की टीम में बेन स्टोक्स, कप्तान इयोन मॉर्गन और मोइन अली की मौजूदगी को देखते हुए कप्तान विलियम्सन उन्हें एक और मौका दे सकते हैं।

न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी हालांकि उसकी चिंता है। टीम अब तक सिर्फ एक बार 150 रन के स्कोर को पार करने में सफल रही है और वह भी खराब फार्म से जूझ रहे पाकिस्तान के खिलाफ। इसके अलावा अब तक सिर्फ गप्टिल (125 रन) की टीम की ओर से 100 से अधिक रन जुटा पाए हैं।

इंग्लैंड के लिए जो रूट होंगे खास
इंग्लैंड के लिए जो रूट ने प्रभावी प्रदर्शन किया है और उनकी 83 रन की पारी की बदौलत टीम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रिकॉर्ड 230 रन के लक्ष्य को हासिल करने में सफल रही। जोस बटलर ने श्रीलंका के खिलाफ आक्रामक अर्धशतक जड़ा, जबकि क्रिस जॉर्डन और बेन स्टोक्स ने डेथ ओवरों में शानदार गेंदबाजी की है।

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इंग्लैंड ने फिरोजशाह कोटला पर दो मैच खेले हैं और उसे सेमीफाइनल में इसका फायदा मिल सकता है। वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले दो मैचों में इंग्लैंड की बल्लेबाजी प्रभावी रही लेकिन अफगानिस्तान के खिलाफ टीम को मुश्किलों का सामना करना पड़ा जबकि श्रीलंका के खिलाफ बटलर ने तूफानी पारी खेलकर उसे मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।

अफगानिस्तान के खिलाफ स्पिनर आदिल रशीद और मोइन अली ने टीम को जीत दिलाई जबकि श्रीलंका के खिलाफ डेथ ओवरों में जॉर्डन और स्टोक्स ने शानदार गेंदबाजी की।

बल्लेबाजी में टीम को रूट के अलावा एलेक्स हेल्स, स्टोक्स, बटलर और कप्तान मोर्गन जैसे खिलाड़ियों से उम्मीदें होंगी।

टीमें इऩ खिलाड़ियों में से चुनी जाएंगी :
न्यूजीलैंड : केन विलियम्सन (कप्तान), मार्टिन गप्टिल, हेनरी निकोल्स, ल्यूक रोंची, रोस टेलर, कॉलिन मुनरो, मिचेल सैंटनर, नैथन मैक्कलम, ग्रांट इलियट, मिचेल मैक्लीनेगन, टिम साउथी, ट्रेंट बोल्ट, एडम मिल्ने, ईश सोढ़ी और कोरी एंडरसन।

इंग्लैंड : इयोन मॉर्गन (कप्तान), जेसन रॉय, जेम्स विन्स, एलेक्स हेल्स, जो रूट, मोइन अली, जोस बटलर, बेन स्टोक्स, सैम बिलिंग्स, डेविड विली, लियाम प्लंकेट, रीस टोप्ले, क्रिस जॉर्डन, आदिल राशिद, लियाम डासन।

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