‘अध्यापक और अध्यापन’ सेमिनार 

Faridabad/ Alive News : जो छात्रों को उनकी आत्मा से जीवित करे और बच्चों को उससे जुड़ाव मेहसुस हो वहीं गुरू है। बच्चों के विचारों को दबाए नहीं, उन्हे बाहर आने दे। आज बच्चों की लर्निंग की फीलिंग्स बुझ चुकी है, लेकिन हमे दुबारा उनके अन्दर जिज्ञासा की भावना उत्पन्न करनी होगी।

उक्त वाक्य डॉ.जगदीश चौधरी ने पाखल के शिक्षा भारती स्कूल में अलाईव न्यूज द्वारा लगाए गए सेमिनार ‘अध्यापक और अध्यापन’ के अन्तर्गत अध्यापकों को सम्बोधित करते हुए कहे। उन्होंने कहा कि हम स्वार्थी हो गए है, हम अपनी सुविधाओं के बारे में सोचते हैं, जो मेथड हमें सिंपल लगता है हम उसे अपनाते है बल्कि हमें छात्रों की सुविधा के अनुसार मेथड अप्लाई करना चाहिए। बहरूपिया पन्न मनुष्य का सबसे बड़ा गुण है यह और किसी जीव में नही मात्र मनुष्य के पास ही है।

हम खुद को माहौल के हिसाब से ढ़ाल सकते है, इसलिए हमें बच्चों की सायकोलॉजी को समझना होगा, उनकी समस्याओं को जानना होगा और अपने लेवल पर उसका समाधान करना होगा तभी जाकर हम अपने कार्यो में सफल हो सकते है। उन्होंने अध्यापकों से कहा कि आप सभी अपने मूलस्वभाव में आईए। जिस दिशा में हम सजृनात्मक है वहीं हमारा मूलस्वभाव है, अपने स्वभाव को पहचानों तभी आपकी क्वालिटी निखर कर सामने आऐंगी।

वहीं अलाईव न्यूज के प्रबंधक सम्पादक तिलक राज शर्मा ने कहा कि ‘अलाईव न्यूज’ ‘अध्यापक और अध्यापन’ विषय पर पिछले पांच सालों से सेमिनार आयोजित कर रहा है। इस सेमिनार का उद्देश्य समाज को आदर्श ‘गुरू’ देना है। क्योकि आज गुरू भी भौतिकवादिता में अपना कर्तव्य भूलते जा रहे हैं उसे याद दिलाना है। बच्चों की शिक्षा व्यवस्था और अध्यापकों के व्यवहार को लेकर यह मुहीम चलाई जा रही है।

इस मौके पर स्कूल के डायरेक्टर सुरेन्द्र गेरा और प्रिंसीपल सुशील गेरा ने डॉ.जगदीश चौधरी और ‘अलाईव न्यूज’ की टीम का प्लांट भेटकर स्वागत किया। वहीं सेमिनार के अंत में स्कूल के मैनेजिंग डायरेक्टर विनीत गेरा और स्वाति गेरा ने ‘अलाईव न्यूज’ की टीम का धन्यवाद किया।

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