सोशल डिस्टेंसिंग का प्रशासन खुद बना रहा है मजाक, जानिए कैसे

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Faridabad/Alive News: शहर भर में सोशल डिस्टेंसिंग के आदेशों का मजाक खुद जिला प्रशासन उड़वा रहा है। शहर की झुग्गी झोपड़ियों के आसपास जिन सोशल संस्थाओं को गरीब लोगों की सहायता करने का जिम्मा दिया गया है उससे कोरोना वायरस का खतरा और बढ़ता जा रहा है, क्योंकि यह संस्थाएं किसी भी रोड पर खड़े होकर भीड़ को राशन बांटना शुरू कर देती हैं, जिससे फरीदाबाद शहर में कोरोना वायरस का खतरा कम होने का नाम नहीं ले रहा है। नीलम से बीके चौक, बीके चौक से रेलवे रोड और बीके चौक से चार नंबर रोड पर सुबह से ही मांगने वालों की भीड़ सड़क के किनारे हुजूम में दिखाएं देगी।

भीड़ सुबह से ही राशन और खाने-पीने की वस्तुएं इकट्ठे करने में लगे रहते हैं, जिससे चौक चौराहों पर लगी पुलिस परेशान हो चुकी है। राहुल कॉलोनी की झुग्गी, ए.सी नगर की झुग्गी के अलावा रेलवे लाइनों के आसपास झुग्गियों में रह रहे लोग सुबह से ही सड़कों पर दिखाई देने लगते हैं और आने जाने वाले गाड़ियों के सामने हाथ फैलाते दिखाई देते हैं। जैसे ही सड़क के आसपास कोई गाड़ी रूकती है उस गाड़ी पर भीड़ टूटकर पड़ती है। प्रशासन का निजी संस्थाओं को राशन बांटने की इजाजत देकर इस लॉक डाउन में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को बराबर कर दिया है।

जहां एक तरफ मंडल आयुक्त संजय जून से लेकर जिला उपायुक्त यशपाल यादव तक लोगों से सोशल डिस्टेंस के लिए अपील करते आ रहे हैं और रेड क्रॉस के माध्यम से उनके घरों तक राशन पहुंचाने के दावे कर रहे हैं लेकिन उनके दावों को बीके और नीलम की सड़कों पर फेल होता देखा जा सकता है। इस भयानक महामारी से निपटने के लिए देशभर के डॉक्टर लगे हुए हैं, लेकिन प्रशासन के खाना बांटने वाले झुग्गी-झोपड़ी में न पहुंचने की बजाय सड़कों पर ही खाना बांटने शुरू कर देते है, जिससे कोरोना वायरस के पनपने की आशंका बनी हुई है। अगर जिला प्रशासन ने इसका इलाज नहीं खोजा तो भूख से ज्यादा कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या फरीदाबाद में होगी और इसके जिम्मेदार सड़कों पर भीड़ को राशन बांटने वाली संस्थाएं और जिला प्रशासन होगा।

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