उच्चतर शिक्षा का उद्देश्य-पूर्ण होना बेहद जरूरीः प्रो. कुठियाला

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Faridabad/Alive News : वाईएमसीए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, फरीदाबाद द्वारा ‘हरियाणा में उच्चतर शिक्षा – गुणवत्ता पर एक परिप्रेक्ष्य’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद् के अध्यक्ष प्रो. बृज किशोर कुठियाला मुख्य वक्ता रहे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने की।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालय द्वारा गुणात्मक सुधार लाने की दिशा में की जा रही पहल की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा में स्थापित उच्च गुणवत्ता मानदंडों के कारण वाईएमसीए विश्वविद्यालय हरियाणा के शीर्ष तकनीकी संस्थानों में पहचान रखता है और विश्वविद्यालय के भूतपूर्व विद्यार्थी देश की शीर्ष कंपनियों का नेतृत्व कर रहे है।

संगोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रो. कुठियाला ने कहा कि बदलते वैश्विक परिवेश में उच्चतर शिक्षा की गुणवत्ता को बनाये रखना एक चुनौतिपूर्ण कार्य है, लेकिन इससे भी अहम है कि उच्चतर शिक्षा उद्देश्य-पूर्ण हो। उन्होंने कहा कि उच्चतर शिक्षा का उद्देश्य ज्ञान, जीविका और जीवन पर केन्द्रित होना बेहद जरूरी है। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, जिससे विद्यार्थियों को नवीनतम ज्ञान मिले और यह ज्ञान आगे चलकर जीविका अर्जित करने का माध्यम बने। उन्होंने कहा कि ज्ञान प्राप्त करने और जीविका अर्जित करने से भी महत्वपूर्ण शिक्षा का मूल उद्देश्य व्यक्तित्व विकास करना है ताकि व्यक्ति अपने विवेक का उपयोग कर जीवन में नैतिकता पूर्ण निर्णय लेने में सक्षम बने।

संगोष्ठी का संचालन निदेशक युवा कल्याण डाॅ. प्रदीप कुमार ने किया। कार्यक्रम का आयोजन डीन इंस्टीट्यूशन्स प्रो. संदीप ग्रोवर की देखरेख में आतंरित गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के तत्वावधान में आयोजित किया गया।
इससे पूर्व, प्रो. कुठियाला ने विश्वविद्यालय की नई परीक्षा नियंत्रक शाखा के कार्यालय का उद्घाटन किया तथा विश्वविद्यालय परिसर में पौधारोपण कर ‘अडाॅप्ट ए ट्री’ अभियान का शुभारंभ भी किया, जिसे विश्वविद्यालय के एमएससी पर्यावरण विज्ञान के विद्यार्थियों की सोसाइटी ‘वसुंधरा’ द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने भी पौधारोपण किया तथा पर्यावरण के मुद्दों को लेकर जागरूकता लाने के लिए चलाये जा रहे अभियान के लिए विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाया।

विश्वविद्यालय की नवनिर्मित परीक्षा नियंत्रक शाखा का कार्यालय विश्वविद्यालय की सामान्य इलेक्ट्रिकल कार्याशाला के द्वितीय तल पर 6500 वर्ग फुट क्षेत्र में 81 लाख रूपये की लागत से निर्मित किया गया है। नये कार्यालय से पूर्व, परीक्षा नियंत्रक शाखा का संचालन विश्वविद्यालय में दो कमरों में किया जा रहा था। यह शाखा विश्वविद्यालय की परीक्षा गतिविधियों के साथ-साथ संबंद्ध काॅलेजों की परीक्षा गतिविधियों का भी संचालन करती है। इसलिए, शाखा को रिकार्ड रखने तथा दस्तावेजों से संबंधित गोपनीयता बनाये रखने के लिए पर्याप्त जगह की आवश्यकता थी, जिसे देखते हुए नये कार्यालय का निर्माण किया गया है।

नई शाखा पूर्णतः वातानुकूलित है, जिसमें कर्मचारियों को सभी सुविधाएं प्रदान की गई है। इसमें सीसीटीवी कैमरा, फायर फाइटिंग उपकरणों के अलावा कर्मचारियों व विद्यार्थियों के लिए आरएफआईडी आधारित एंट्री सिस्टम लगाया गया है।
प्रो. बृज किशोर कुठियाला ने कार्यालय के निर्माण की गुणवत्ता व डिजाइन की सराहना की। इस अवसर पर कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने कहा कि किसी भी भवन के निर्माण से ज्यादा जरूरी उसका रखरखाव होता है, इसलिए कर्मचारी विश्वविद्यालय की संपत्ति के रखरखाव के लिए भी अपने दायित्वों का निवर्हन पूरी जिम्मेदारी से करेें।

इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक डाॅ. हरि ओेम, सभी डीन, विभागाध्यक्ष तथा विश्वविद्यालय के अधिकारी उपस्थित थे। इस दौरान प्रो. बृज किशोर कुठियाला ने शाखा के साथ-साथ विश्वविद्यालय की अन्य सुविधाओं का अवलोकन भी किया।

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