सेंट थॉमस स्कूल में विद्यार्थियों ने निभाई अध्यापक की भूमिका

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Faridabad/Alive News : सिर्फ गुरू ही हमारे ज्ञान को बढाक़र हमें बुद्धिमान बनाते हैं। यही हमें भक्ति व मुक्ति का मार्ग दिखाते हैं। विद्यार्थी समाज की अनमोल धरोहर है। एक गुरू और शिष्य के रिश्ते को समझने के उद्देश्य से उड़ीया कॉलोनी स्थित सेंट थौमस मिशन स्कूल में हर्षोल्लास से ‘टीचर दे’ मनाया गया।

स्कूल में सीनियर क्लास के विद्यार्थियों ने जूनियर क्लास के बच्चों को पढ़ाकर जीवन में एक टीचर का महत्व और एक अध्यापक की बच्चों के प्रति जिम्मेंदारियों से रूबरू हुए। विद्यार्थियों ने टीचरों के प्रति अपने विचार रखे और उन्हें अपने हाथों से गिफ्त देकर सम्मानित किया। विद्यार्थियों ने भी जिस तरह एक टीचर की जिम्मेदारी बखूबी निभाई, यह देखकर अध्यापकों ने क्लास में विद्यार्थियों द्वारा दी प्रस्तुति की सराहना की और उन्हें अपने हाथों से आर्शीवाद रूपी गिफ्त देकर उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी।

इस मौके पर स्कूल के चेयरमैन विनय लाल ने उपस्थितगणों को शिक्षक दिवस की बधाई देते हुए 5 सितम्बर को डॉ.सर्वपल्ली राधकृष्णन के जन्मदिवस पर प्रकाश डालते हुए बताया कि डॉ.सर्वपल्ली अपनी बुद्धिमता पूर्ण व्याख्या आननंमयी और हंसने गुदगुदाने वाली कहानियों के साथ-साथ विद्यार्थयों को अच्छा दर्शन भी देते थे। उन्होंने कहा कि एक गुरू ही जो अपने काम के प्रति जागृत रहकर देश के निर्माण और आने वाले युवा में सदाचार रूपी संस्कार रोपित कर सकता है। इसलिए गुरू का दर्जा समाज में सबसे ऊपर माना जाता है।

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