कलयुग की संजीवनी बूटी मानी जाने वाली कलौंजी के अनेक फायदे, पढ़िए रिपोर्ट

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कलौंजी (मंगरैल ) भारतीय घरों के किचन में आसानी से पाई जाती है। काले रंग की छोटी-छोटी कलौंजी को इंग्लिश में निजेला सैटाइवा (Nigella Sativa) नाम से जाना जाता है। कलौंजी कई तरह की बीमारियों को दूर करने में लाभकारी है। कलौंजी के बारे में कहा जाता है कि यह कलयुग कि यह संजीवनी बूटी है। सही तरीके से यदि इसका सेवन किया जाए तो इससे भयानक से भयानक बीमारी ठीक हो सकती है। यह खांसी से लेकर डायबिटीज तक में फायदेमंद है। इसमें पाए जाने वाले कैल्शियम, पोटैशियम, लोहा, मैग्नीशियम और जिंक कई तरह की स्वास्थ्य समस्यों से लड़ने में कारगर हैं।

कलौंजी के फायदे

सर्दी जुकाम में फायदेमंद : कलौंजी के बीजों को सेंक कर और कपड़े में लपेटकर सूंघने से तथा कलौंजी का तेल और जैतून का तेल बराबर की मात्रा में नाक में टपकाने से सर्दी-जुकाम समाप्त होता है।

दूर करे खून की कमी : एक कप पानी में 50 ग्राम हरा पुदीना उबाल लें और इस पानी में आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर सुबह खाली पेट एवं रात को सोते समय सेवन करें। इससे 21 दिनों में खून की कमी दूर होती है।

पेट के कीड़े का करे सफाया : पेट में कीड़े होने पर तीन-चार दिनों तक लगातार कलौंजी का सेवन करने से रहत मिलती है।

डायबिटीज रखे कंट्रोल : एक कप काली चाय में आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर। सुबह और रात में सोने से पहले इसे पिने से डायबिटीज से बचाव होगा और जिन्हें यह बीमारी है, वह इस पर काबू पा सकेंगे।

मुंहासे करे कम : दो चम्मच नींबू के रस में आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर। सुबह और रात में चेहरे पर लगाएं। इससे त्वचा में निखार आती है। काले धब्बे कम होते हैं और मुंहासे कम होते हैं।

गंजेपन में फायदेमंद : जली हुई कलौंजी को हेयर ऑइल में मिलाकर नियमित रूप से सिर पर मालिश करने से गंजापन दूर होकर बाल उग आते हैं।

त्वचा के विकार : कलौंजी के चूर्ण को नारियल के तेल में मिलाकर त्वचा पर मालिश करने से त्वचा के विकार नष्ट होते हैं।

लकवा में लाभकारी : कलौंजी का तेल एक चौथाई चम्मच की मात्रा में एक कप दूध के साथ कुछ महीने तक प्रतिदिन पीने और रोगग्रस्त अंगों पर कलौंजी के तेल से मालिश करने से लकवा रोग ठीक होता है।

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