कांग्रेस उम्मीदवार स्टार प्रचारकों की कमी से और भाजपा उम्मीदवार भीतर घात से कैसे हो सकते है शिकार, जानिए

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Tilak Raj Sharma/Alive News
Faridabad : फरीदाबाद लोकसभा की नौ विधानसभा सीटों पर भाजपा के दिग्गज नेताओं की एक के बाद एक रैली ने कांग्रेस के समीकरणों बिगाड़ दिए है। उधर, कांग्रेस के बड़े स्टार प्रचारकों का विधानसभा क्षेत्र में ना के बराबर प्रचार के लिए आना, भाजपा के उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित कर रहा है। फरीदाबाद लोकसभा की नौ विधानसभाओं के उम्मीदवारों ने भाजपा के प्रतिद्वंदियों को शिकस्त देने के लिए ऐड़ी – चोटी का जोर लगाया हुआ है। पृथला विधानसभा से कांग्रेस उम्मीदवार रघुवीर तेवतिया ने जाट, ब्राह्मण, ठाकुर के गढ़ कहे जाने वाले गांव में अपनी पैठ मजबूत कर भाजपा के उम्मीदवार सोहनपाल छोंकर तथा तीसरे नंबर की लड़ाई लड़ रहे है निर्दलीय उम्मीदवार नयनपाल रावत को चुनावी रणभूमि में शिकस्त देने की रणनीति तैयार पर काम कर रहे है।

बल्लबगढ़ विधानसभा में कांग्रेस उम्मीदवार आनंद कौशिक और उनके अनुज बलजीत कौशिक की ब्राह्मण-बनियों में पैठ के कारण भाजपा के ब्राह्मण उम्मीदवार को भीतर घात से शिकस्त देने की रणनीति पर कांग्रेस के पुराने और दलगत नीति को निर्धारित नेताओं द्वारा चुनाव का रूख बदल कर रख दिया है।

एनआईटी विधानसभा में विधायक एवं भाजपा के उम्मीदवार नगेन्द्र भड़ाना को घेरने के लिए कांग्रेस उम्मीदवार नीरज शर्मा ने क्षेत्र की जन समस्याओं और अपने पिता के कार्यकाल की याद दिलाकर जनता का रूख कांग्रेस की ओर मोड़ दिया है। भाजपा उम्मीदवार यहां पर पार्टी के स्टार प्रचारकों के भरोसे चुनाव जीतना चाह रह है लेकिन नीरज शर्मा अपने क्षेत्र की जनता के साथ पांच साल में हुए अत्याचारों की दुहाई देकर झोली फैलाकर वोट मांग रहे है।

बड़खल विधानसभा से पूर्व मंत्री के बेटे एवं कांग्रेस उम्मीदवार विजय प्रताप सिंह ने वर्तमान विधायक एवं भाजपा उम्मीदवार सीमा त्रिखा से पिछले चुनाव में जनता से किये गए वायदों का हिसाब मांगना शुरू किया हुआ है। जनता में जाकर कांग्रेस उम्मीदवार बड़खल झील के पुनर्जीवित के मुद्दे पर घेरने में लगे हुए है। इस सीट पर भाजपा उम्मीदवार ने कश्मीर के 370 मुद्दे पर , अपने कार्यकाल में किये गए विकास कार्य और सुशासन की बात पर जनता से वोट की अपील कर रही है लेकिन कांग्रेस के उम्मीदवार विजय प्रताप ने भाजपा की उम्मीदवार को हर मोर्चे पर घेरा हुआ है तथा अपने पिता के द्वारा कराए गए विकास कार्यों का जमकर प्रचार कर रहे है जिसका फायदा उन्हें इस बात से भी मिल रहा है कि विधायक जनता से सीधे मुंह बात नही करती। इस बात को भी जनता के बीच में उठाकर कांग्रेस के उम्मीदवार ने चुनाव को अपने पक्ष में कर लिया है।

फरीदाबाद विधानसभा पर कांग्रेस की स्टार प्रचारक कुमारी शैलजा के आने से कुछ खास प्रभाव नहीं पड़ा, क्योंकि भाजपा के उम्मीदवार नरेंद्र गुप्ता ने लखन कुमार सिंगला के गढ़ कहे जाने वाले तेल मील क्षेत्र में जनसभा कर दिखा दिया कि भाजपा का पलड़ा किसी तरफ भी भारी हो सकता है। कांग्रेस प्रत्याशी लखन एक बार पार्षद बनने के बाद से ही लगातार 25 वर्षों से राजनीति जमीन तलाशते रहे है। पिछली बार विधानसभा में कांग्रेस ने लखन सिंगला को बल्लबगढ़ से टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा था। लेकिन उस समय भाजपा के उम्मीदवार के सामने फेल हो गए।
उधर, तिगांव विधानसभा पर भाजपा के बड़े स्टार प्रचारकों का लगातार रैलियां करना कांग्रेस उम्मीदवार की नींव हिलाकर रख दी है।

तिगांव क्षेत्र में भाजपा की स्टार प्रचारक स्मृति ईरानी ने एक रैली से हुंकार भरकर कांग्रेस के उम्मीदवार के लिए किसानो का लुटेरा कहकर बड़े वोट बैंक को भाजपा के उम्मीदवार राजेश नागर के पक्ष में कर दिया है। ईडी ने भी कांग्रेस उम्मीदवार के प्रचार की गति को धीमी करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। इस सीट पर कांग्रेस के स्टार प्रचारक एवं गुर्जर नेता सचिन पायलट भी अपनी रैली से नागर- पाल और कॉलोनियों के बड़े वोट बैंक को ललित नागर के पक्ष में नहीं कर पाए। कांग्रेस उम्मीदवार ललित नागर से इस बार कांग्रेस के क्षेत्रीय नेताओं ने भी दूरी बनाई हुई है।

वही, भाजपा के दिग्गज स्टार प्रचारकों द्वारा रैलियां करने के बाद भी भाजपा उम्मीदवार राजेश नागर की हार होती है तो इसका ठिकरा भाजपा के एक बड़े नेता पर फूटना तय है।

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