80 करोड़ से अरुवा व दयालपुर में बनेंगे दो नर्सिंग कॉलेज

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Faridabad/Alive News : बल्लभगढ़ के दयालपुर व अरुआ गांव में 80 करोड़ रुपए की लागत से दो नर्सिंग डिग्री कॉलेज बनाए जाएंगे। इन कॉलेजों से प्रतिवर्ष 600 से अधिक स्टूडेंट पासआउट होंगे। अभी प्रदेश में केवल चार जिले हैं जहां नर्सिंग डिग्री कॉलेज हैं। यहां के बच्चों को बीएससी नर्सिंग का कोर्स करने के लिए उत्तर हरियाणा के जिलों में जाना पड़ता है। ये कॉलेज करीब दो साल में बनकर तैयार हो जाएंगे। इनके भवन बनाने की जिम्मेदारी शहरी विकास प्राधिकरण अथारिटी (हुडा) को सौंपी गई है। फरीदाबाद में दो नर्सिंग डिग्री कॉलेज के बनने के बाद पलवल, फरीदाबाद, मेवात व गुड़गांव के बच्चों काे अन्य जिलों में नहीं जाना पड़ेगा। अभी तक प्रदेश में करनाल, हिसार, भिवानी और अंबाला में नर्सिंग डिग्री कॉलेज हैं।

मोहना की रैली में सीएम ने की थी घोषणा

18 मई 2015 को पृथला विधायक टेकचंद शर्मा ने मुख्यमंत्री की रैली कराई थी। इसमें सीएम मनोहरलाल ने क्षेत्र में नर्सिंग कॉलेज खोलने की घोषणा की थी। जमीन की उपलब्धता और डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनने में चार साल लग गए। आखिर में सरकार ने इसकी मंजूरी दे ही दी। रविवार को सीएम ने चंडीगढ़ से उक्त दोनों नर्सिंग कॉलेजों का शिलान्यास किया। एक-एक नर्सिंग कॉलेज पर 40-40 करोड़ रुपए खर्च होंगे। हुडा अधिकारी ने बताया कि दयालपुर और अरुआ में करीब छह एकड़ जमीन पर नर्सिंग कॉलेज बनाए जाएंगे। कॉलेज के अंदर ही स्टूडेंट के लिए हॉस्टल, प्रिंसिपल और टीचर्स के लिए रेजिडेंस की भी सुविधा होगी। कॉलेज के लिए जमीन ग्राम पंचायत ने दी है। उक्त गांव के लिए दाखिले में तीन फीसदी सीटें रिजर्व होंगी।

अभी कोर्स करने के लिए उत्तर हरियाणा में जाना पड़ता है

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार डिग्री का कोर्स करने के लिए हरियाणा के चार जिले करनाल, हिसार, भिवानी और अंबाला में ही नर्सिंग डिग्री कॉलेज हैं। बाकी जिलों में नर्सिंग स्कूल चलते हैं। स्कूलों में डिप्लोमा कोर्स की पढ़ाई होती है। बड़ी संख्या में प्राइवेट अस्पताल भी एएनएम (ऑक्जिलियरी नर्सिंग मिडवाइफरी) और जीएनएम (जनरल नर्स मिडवाइफरी) का कोर्स कराते हैं। एएनएम का कोर्स दो साल और जीएनएम का कोर्स साढ़े तीन का साल का होता है। इन प्राइवेट नर्सिंग स्कूलों की पूरे कोर्स की फीस तीन से चार लाख रुपए होती है। जबकि गवर्नमेंट कॉलेज में पूरे कोर्स की फीस इसकी अ‌ाधी है।

नर्सिंग के क्षेत्र में कई तरह के होते हैं कोर्स

नर्सिंग के क्षेत्र में कई तरह के कोर्स होते हैं। जैसे डिप्लोमा, अंडर ग्रेजुएट एवं सर्टिफिकेट कोर्स। अपनी योग्यता और रुचि के अनुसार छात्र चुनाव कर सकते हैं। नर्सिंग में बीएससी के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स का विकल्प है। स्टूडेंट डाइटेटिक्स, कार्डियोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिक्स, ऑप्थेल्मोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स आदि क्षेत्रों में भी विशेषज्ञता हासिल कर सकते हैं।

दो वर्षीय नर्सिंग क्षेत्र में रोजगार के कई अवसर

दो वर्षीय एएनएम का कोर्स करने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों केे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं की देखभाल के लिए हेल्थ विभाग नियुक्तियां देता है। जीएनएम कोर्स साढ़े तीन साल का होता है। इसमें स्वास्थ्य देखभाल, नर्सिंग और दाई के काम का प्रशिक्षण है। जीएनएम कार्यक्रम में नर्सों को तैयार किया जाता है। बीएससी (नर्सिंग) पाठ्यक्रम चार वर्ष का है।

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