‘डबुआ सब्जी मंडी’ में सब्जियां नही, बिक रही हैं बीमारियां

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स्वच्छ भारत की राह में ग्रहण बनी स्मार्ट सिटी की सब्जी मंडी

Poonam Chauhan/Alive News : फरीदाबाद की सबसे बड़ी डबुआ सब्जी मंडी इन दिनों कूड़े-कचरे के ढेर और खुदे हुए गड्ढों से पटी हुई है। शहर की 22 साल पुरानी सब्जी मंडी आज अपनी ही दुर्दशा पर आंसू बहा रही है। सफाई व्यवस्था की दुहाई देने वाले अधिकारियों को क्या मंडी की दुर्दशा दिखाई नहीं देती। स्वच्छ भारत का सपना देखने वालों एक नजर जरा फरीदाबाद की डबुआ सब्जी मंडी पर डालो, शायद आपका सपना पूरा हो जाए।

वीडियो में भी देखें : डबुआ मंडी पर अलाइव न्यूज़ की रिपोर्ट

जहां कूड़े के ढ़ेर और बड़े-बड़े गड्ढे आपका इंतजार कर रहे है। जी हां, स्मार्ट सिटी फरीदाबाद की सुन्दरता इन दिनों डबुआ मंडी में जमकर दिखाई दे रही है। जहां मंडी के चारों ओर खुदे हुए गड्ढे दुर्घटनाओं को न्यौता दे रहे है.

वहीं लोगों को मंडी से सब्जी खरीदना तो दूर यहां से निकलना तक दुश्वार हो रहा है। अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही डबुआ सब्जी मंडी जहां से हजारों लोग अपने घरों में सब्जियां नहीं बल्कि बीमारियां खरीद कर ले जा रहे हैं।

– मंडी में नहीं है सफाई


पिछले तीन सालों से मंडी की समुचित सफाई नहीं हो पा रही है, जिस कारण मंडी में चारों ओर कूडे का अम्बार लगा हुआ है। व्याप्त गंदगी के कारण यहां बदबू और कीड़े देखे जा सकते हैं, लेकिन मार्किट कमेटी इसको लेकर गम्भीर नहीं है। गंदगी की समस्या को लेकर मंडी के व्यापारी सभी सम्बंधित अधिकारियों को अपनी समस्या से अवगत करा चुके है, लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है।

– 20 रूपए की एंट्री लेकिन बत्ती गुल


टूटा हुआ गेट और पानी का गड्ढा पार करने के लिए भी आपको मंडी में एंट्री फीस भरनी होगी। आपको बता दे, एंट्री फीस भरने के बाद भी यहां रेहड़ी या व्यापारियों को रात के समय लाईट की कोई व्यवस्था नहीं मिलती है। उन्हे प्राइवेट लोगों को 15 रूपए देकर लाईट लेनी पड़ती है वहीं प्रशासन की तरफ से मंडी में रात के समय लाईट का कोई प्रबंध नहीं है।

– शौचालय बनी दीवारें


सरकार स्वच्छता अभियान को लेकर करोड़ो रूपए स्वाहा कर चुकी है, जबकि धरातल पर स्थिति कुछ ओर बयां कर रही है। व्यापारी, किसान, फूटकर सब्जी विक्रेता और खरीदार की संख्या हर रोज मंडी में हजारों में होती है। उसके बावजूद भी उन्हे सरकार के आधुनिक उपकरण(पोर्टेबल ट्योलेट) मंडी में कहीं दिखाई नहीं दे रहे है। लोगों को दीवारों पर मजबूरी में ट्योलेट करते हुए देखा जा सकता है।

– क्या कहते है व्यापारी
सफाई को लेकर पिछले तीन सालों से मार्किट कमेटी के सभी सम्बंधित अधिकारियों को लगातार शिकायत दी जा रही है, उसके बावजूद भी व्यापारियों की समस्या को दरकिनार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार यह सोचती है कि मंडी से सरकार को कोई राजस्व नहीं मिल रहा है तो मंडी व्यापारी उचित टैक्स देने के लिए तैयार है।
-कुलदीप रत्रा(राजू आढ़ती), पूर्व प्रधान, फ्रूट एण्ड सब्जी विक्रेता एसोसिएशन।

– क्या कहते है अधिकारी

मंडी में अवैध वसुली करने वालों का ठेका 10-15 दिन में बंद कर दिया जाएगा। वहीं एक्सईएन और मैंने मंडी का दौरा किया और सीवर लाईन के गड्ढो को न भरने के लिए ठेकेदार को नोटिस भिजवा दिया गया है जोकि जल्द भरा जाएगा। वाटर कूलर की समस्या भी जल्द सोलव कर दी जाएगी और साफ-सफाई की परेशानी मेरी नॉलेज में नहीं थी अगर, सफाई को लेकर व्यापारी वर्ग मुझसे शिकायत करते है तो तुरंत प्रभाव से कार्यवाही की जाएगी।
-राहुल यादव, डबुआ मंडी सेक्रेटरी।

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