वार्ड-6 : समस्याओं से हताश लोग घर छोडऩे को मजबूर

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Faridabad/Alive News : वार्ड-6 में नेता तो केवल वोट बैंक की राजनीति के लिए चुनावों में हाथ जोड़े वोट पाने की लालसा में दिखाई देते है और चुनाव जीत लेने के बाद जनता की समस्याओं का समाधान करना तो दूर की बात है, वार्ड में दोबारा झांकने तक नही आते। कुछ इस तरह वार्ड-6 के लोग विकास कार्यो को लेकर पार्षद को कोसते नजर आए।

 

वार्ड-6 के अंतर्गत आने वाले 60 फुट रोड़, नंगला चौक, चाचा चौक, पर्वतीय कॉलोनी, सुंदर कॉलोनी के लोग वार्ड में समस्याओं से परेशान है। वार्ड में आने वाले नंगला चौक पर बिन बरसात के जलभराव की समस्या लोगों के लिए सबसे बड़ी परेशानी का सबब बनी हुई है।

 

नंगला चौक से 60फुट रोड़ तक घण्टों तक लगने वाला जाम अब राहगीरों के लिए जैसे आम बात हो गई है। पानी निकासी न होने से ऑवरफ्लों हो रहे नाले से सडक़ो ने तालाब का रूप धारण कर लिया है। वार्ड में सडक़ों की जर्जर हालत से आए दिन तिपहियां और दोपहिया वाहन चालक के दुर्घटना के शिकार हो रहे है। वार्ड की कुछ गलियों में आज भी ईको ग्रीन के न पहुंचने से लोगों को कूड़ा खाली प्लॉट या फिर जलाना पड़ रहा है।

जिससे न सिर्फ वायु प्रदुषित होता है, बल्कि ऐसा करने से लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ भी हो रहा है। वाड्र के लोगों को पीने के लिए स्वच्छ पानी भी नही मिल पा रहा है जो पानी सप्लाई से घरों में पहुंच रहा है, वह सीवर और नालियों का गंदा पानी है। लोग कई बार अपनी इन परेशानियों को लेकर पार्षद से रूबरू हो चुके है लेकिन आज तक समस्या जस की तस बनी हुई है।

क्या कहते है वार्ड निवासी-

वार्ड-6 के अंतर्गत आने वाले सुदंर कॉलोनी निवासी शशिकांत का कहना है कि वार्ड में सुविधाओं या विकास के नाम पर कुछ नही है, परंतु अगर समस्याओं की बात की जाए तो अंबार लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि वार्ड में पीने के लिए स्वच्छ पानी तक नसीब नही होता है। पर्वतीया कॉलोनी खंड-बी के निवासी रत्नपाल का कहना है कि वार्ड में जलभराव सेे सडक़ो ने तालाब का रूप धारण कर लिया है, और यह तालाब हर रोज बच्चों और बुजुर्गों को अपने लपेटे में ले रहा है।

तो वहीं 60 फुट रोड़ निवासी सुशील का कहना है कि वार्ड में सडक़ो की हालत इतनी बदत्तर है कि इन सडक़ो से बच्चों और बुजुर्गो का गुजरना जानलेवा खतरे से कम नही है, तो यहां से गुजरने वाहनों का अंदाजा लगा सकते है कि किस तरह हर रोज वाहन चालक अपनी जान हथेली पर लेकर इन सडक़ो से गुजरते होंगे। बारिश का पानी घरों में जाने से रोकने के लिए लोगों ने कई बार अपनी जेब से ही रोड़ पर मलवा डलवा चुके है।

उनका कहना है कि सिर्फ मजबूरी में इस नरक में रहना पड़ रहा है, क्योंकि समस्याओं के लिए जिम्मेदार प्रतिनिधि को जनता की बेबसी और परेशानी या तो दिखाई नही देती या वह देखकर भी अनजान बन रहे है। ऐसे में वार्ड में लोगों के क्या हालत होंगे अंदाजा लगाया जा सकता है।

क्या कहते है पार्षद –
वार्ड-6 के पार्षद सुरेंद्र अग्रवाल का कहना है कि वार्ड में जितनी भी समस्याएं हैं, वो सभी पिछले मंत्री के कार्यकाल की देन है। जिसने 20 सालों तक यहां राज तो किया लेकिन विकास न कर सके, जिससे लोग नरकीय जीवन जी रहे है। पिछले डेढ़ साल से वार्ड में सिवरेज की समस्या बनी हुई थी, 3 करोड़ की लागत से नाला बनाया जा रहा है, जल्द ही लोगों को जलभराव की समस्या से निजात मिल जाएगी।
सुरेंद्र अग्रवाल, वार्ड-6 पार्षद नगरनिगम

क्या कहते है पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर-

जिन्हें अधिकारियों से काम कराना नही आता और क्षेत्र की समस्याओं के बारे में नही पता, वो लोग अपना ठिकरा दूसरों के सर फोड़ते है। भाजपा सरकार के विधायक और पार्षद फेल हो चुके है। रही बात भ्रष्टाचार की तो प्याली चौक पर पहले सडक़ में पेच लगाए जाते है, और फिर तुंरत कुछ दिन में सीवर कंनेक्शन के नाम पर सडक़ को उखाड़ा जाता है। और अब फिर सडक़ बनाने की तैयारी है। जनता इससे अंदाजा लगा सकती है कि भ्रष्टाचार कौन कर रहा है।
मुकेश शर्मा, पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर

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