वार्ड मूलभूत सुविधाओं के लिए त्रस्त, पार्षद पार्को के विकास में व्यस्त

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‘पहले पार्क चाहिए या पीने के लिए पानी’?

Faridabad/Alive News : स्वच्छता अभियान के लिए जागरूकता का संदेश सरकार अपने चुने हुए अधिकारियों तक पहुचानें में नाकामयाब साबित हुई है। जी हां, हम बात कर रहे है, वार्ड-5 की जहां अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की लापरवाही स्वच्छता अभियान की उड़ती धज्जियों का बेहतरीन नमूना पेश कर रही हैं। वार्ड-5(पर्वतीया कॉलोनी, डिस्पोजल, जवाहर कॉलोनी, जीवन नगर, संजय कॉलानी) की कुछ तस्वीरें जो आपको खुद स्मार्ट सिटी की जमीनी हकीकत से रूबरू करवाऐंगी। पार्षद पहले लोगों को पार्क देना चाहती हैं, लेकिन पीने के लिए पानी नहीं। पार्को के विकास से फुुर्सत हो तो शायद जनसमस्याओं के समाधान का नम्बर आएगा। लोगों ने कुछ इसी तरह वार्ड विकास को लेकर पार्षद को कोसते हुए अपनी पीड़ा ‘अलाईव न्यूज’ टीम से सांझा की।

कूड़ा वाहन न पहुंचने पर खाली प्लाट बने कूड़ेदान

 

पर्वतीया कॉलोनी निवासी अनीता का कहना है कि कूड़ा वाहन न पहुंचने के कारण घरों का कूड़ा-कचरा खॉली प्लॉटों में ही फेकंना पड़ता है। इसी कूड़े के ढेर में आवार पशु मुंह मारते दिखाई देते है, इतना ही नही कई बार यह आवार पशु वहां से गुजरने वाले राहगीरों पर जानलेवा हमला भी कर चुके हैं।

पानी निकासी के अभाव में सडक़े बनी तालाब


वार्ड में पानी ऑवरफ्लों होकर सडक़ो पर बह रहा है और पानी निकासी के अभाव में यह सडक़े तालाब का रूप ले लेती है। सुनीता का कहना है कि पानी निकासी न होने के कारण घरों से निकलने वाला गंदा पानी सडक़ो पर जमा हो जाता है, जिससे जलजनित बीमारियों होने का भी डर बना हुआ है।

खुले मैन होल मौत को देते है न्यौता


पर्वतीया कॉलोनी के मार्किट कमेटी के प्रधान राम मेयर सिंह का कहना है कि निगम कर्मचारी सीवरों की सफाई करने के बाद सीवर से निकाली गंदगी को सडक़ो पर ही फेंक देते है और दुर्घटना के लिए सफाईकर्मी सीवरों के ढक्कन को खुला छोड़ रहे है। बारिश में यह मैन होल दिखाई तक नही देते, जिसके कारण बच्चों और बुजुर्गो का इस तरह के गढ्ढों में गिरने का डर बना रहता है।

बिजली तारों से अनहोनी का डर
पर्वतीया कॉलोनी निवासी रामादेवी का कहना है कि खंभे न होने से बिजली की तारें इधर-उधर फैली हुई है। जिसमें करंट दौड़ता है, यह तारे बच्चों के लिए आफत बनी हुई है। क्योंकि बच्चें खेलते वक्त कब इन तारों को हाथों से पकड़ ले, इसलिए मासूमों के लिए हर पल चौंकना रहना पड़ता है।

प्यास बुझाने के लिए चुकाते है बड़ी कीमत


शिवकुमारी का कहना है कि वार्ड में महीनों से पीने के पानी की किल्लत चल रही हैं। कई दिनों तक लोग पानी के इंतजार में रात जागकर गुजारते हैं। रातभर जागने के बाद भी पानी की एक बूंद तक नसीब नही होती है। पार्षद को कई बार इस बारे में अवगत कराया तो, पार्षद का जबाव होता है ‘मैं तुम्हारे के लिए कोई समाधान क्यों करू। तुमने मुझे थोड़ी जिताया है, मै तो अपनी किस्मत से पाषर्द बनी हुं’।

क्या कहती है वार्ड-5 की पार्षद


क्षेत्र में आए दिन हमारी ओर से मशीनरी और सफाईकर्मी भेजे जा रहे हैं। कूड़ा उठाने के लिए ईको ग्रीन भी शुरू करा दी है। क्षेत्र में पानी और सीवर की लाईन नही हैं, जिसके लिए अमृत योजना के तहत 8.5 करोड़ का टैंडर सरकार को भेजा जा चुका है। जल्द ही लोगों की समस्याओं का समाधान हो जाएगा। तत्काल में पानी की समस्या को ध्यान में रखते हुए दो ट्यूबल खारे पानी के शुरू करा दिए है।

ललिता यादव, पार्षद वार्ड-5 नगर निगम फरीदाबाद।

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