अनुभवी चेहरों के बीच क्या नया चेहरा बना पायेगा अपनी पहचान

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Faridabad/Alive News : आगामी 21 अक्टूबर को हरियाणा विधानसभा चुनाव की वोटिंग होने को है। इस दिन जनता मतदान कर अपने प्रतिनिधि का चयन करेगी। अगर चुनाव के बारे में सोचा जाये तो हमारे जेहन में दो ही पार्टिया आती है। लेकिन दोनों ही पार्टी के उम्मीदवारों की स्थिति साथ नहीं है। दोनों में कड़ा मुकाबला है।

एनआईटी- 86 कांग्रेस उम्मीदवार नीरज शर्मा अपने पिता व पूर्व मंत्री स्व. शिवचरण लाल शर्मा के द्वारा किये गए कार्यो के नाम पर विधायक बनना चाहते हैैं। नीरज शर्मा अपने चुनावी प्रचार में अपने पिता द्वारा किये गए कार्यो का ही गुणगाान कर रहे है। कांग्रेस पार्टी को फ़िलहाल में सबसे बड़ी विपक्ष पार्टी माना जा रहा है।

जानकारों के अनुसार हाल ही में प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर का कांग्रेस से इस्तीफा देना और पलवल में कार्यकर्ताओं की बैठक के दौरान ये कहना कि पार्टी के भीतरी लोगों ने पार्टी को खराब करने का काम किया है तो इसका कुछ ठीक सन्देश जनता के समक्ष नहीं जा रहा है। इन सब के बावजूद भी कांग्रेस प्रत्याशी नीरज शर्मा को एनआईटी- 86 में मजबूत उम्मीदवार का रूप में देखा जा रहा है।

बात करे इनेलो से भाजपा में शामिल हुए नगेन्द्र भड़ाना की तो उन्होंने अपने कार्यकाल में कुछ विशेष काम नहीं किया। इसका मुख्य कारण नगेन्द्र भड़ाना का अपने कार्यकाल में ठीक से जनता की आवश्कताओं को पूरा नहीं कर पाए अगर किया भी तो केवल खानापूर्ति शैली में। एनआईटी- 86 के लोग अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए आए दिन नगर- निगम पर धरना प्रदर्शन करते रहते है।

भरी हुई नालियां, अव्यवस्थित सीवरेज, सड़कों पर ढाई फुट से ज्यादा भरा हुआ पानी इस बात की गवाही देता है कि नगेन्द्र भड़ाना जनता को मूलभूत सुविधाएं देने में विफल रहे है। बहरहाल देखना यह है कि चुनाव में जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनती है।

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