जितने भी मुकदमे दाखिल करना हो, करो, लेकिन इससे सच्चाई नहीं बदल जाएगी : राहुल

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New Delhi/Alive News : कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल लड़ाकू विमान सौदे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए सीधा हमला किया है। केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली के सवालों के जवाब में संयुक्त संसदीय समिति से पूरे मामले की जांच कराने की मांग दोहराते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मोदी और अनिल अंबानी के बीच हुई डील के बारे में पूरा देश जानना चाहता है।

इसके साथ ही उन्होंने नोटबंदी को भी एक बड़ा घोटाला बताया और कहा कि कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए ही नोटबंदी का फैसला लिया गया था। राफेल सौदे को लेकर प्रधानमंत्री पर हमला बोलने के लिए राहुल गांधी ने फ्रांस और भारत की ओर जारी संयुक्त वक्तव्य का सहारा लिया। उनके अनुसार इस वक्तव्य में साफ कहा गया है कि मोदी के फ्रांस के दौरे के समय 36 राफेल युद्धक विमान खरीद के लिए जो करार हुआ था, उनमें वैसे ही विमान देने की बात कही गई थी, जो संप्रग सरकार के दौरान तय हुई थी। कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि जब विमान वही है, तो उनकी कीमत 520 करोड़ रुपये से 1600 करोड़ रुपये कैसे हो गई।

अनिल अंबानी की ओर से कांग्रेस के खिलाफ दायर 5000 करोड़ रुपये के मानहानि के मुकदमे को चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि और भी जितने भी मुकदमे दाखिल करना हो, करो, लेकिन इससे सच्चाई बदल नहीं जाएगी। उनके अनुसार सच्चाई यह है कि अनिल अंबानी ने जहाज कभी नहीं बनाई। उनके ऊपर 45 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है।

सौदे के कुछ दिन पहले ही उन्होंने नई कंपनी बनाई थी। जबकि दूसरी ओर एचएएल लंबे समय से जहाज बना रहा है और उसपर कोई कर्ज नहीं है। एचएएल के पास जहाज बनाने के लिए जरूरी तकनीकी विशेषज्ञता भी मौजूद हैं। इसके बावजूद एचएएल की जगह अनिल अंबानी की कंपनी को आफसेट कांट्रेक्ट कैसे दिया गया। कांग्रेस अध्यक्ष ने नोटबंदी को लेकर भी प्रधानमंत्री पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि इसका असली उद्देश्य सिर्फ 15-20 पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाना था और यह एक बड़े घोटाले से कम नहीं है।

उन्होंने कहा कि नोटबंदी के दौरान किसानों, छोटे व मझोले व्यापारियों की जेब से पैसा निकालकर प्रधानमंत्री ने अपने करीबी 15-20 उद्योगपतियों की जेब में उसे पहुंचाने का काम किया है। गुजरात के कापरेटिव बैंक में भी 700 करोड़ रुपये जमा हुए थे और उसके अध्यक्ष अमित शाह थे। सारे पैसे वापस बैंकों में आ गए। जो कालाधन था वह भी लोगों ने सफेद करा लिए और मुश्किलें आम लोगों को हुई।

राहुल के अनुसार संप्रग सरकार के दौरान जो एनपीए 2.5 लाख करोड़ रुपये था, वह बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये हो गया। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि नोटबंदी कोई गलती नहीं थी, बल्कि इसके माध्यम से जानबूझकर छोटे और मझोले व्यापारियों को खत्म किया गया ताकि अमेजन जैसी बड़ी कंपनियों के लिए रास्ता तैयार किया जा सके। राहुल ने कहा कि विपक्ष के तौर पर उनकी जिम्मेदारी है कि लोगों को सरकार की सच्चाई बताएं। वह डरने वाले नहीं हैं

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