किसका होगा राजतिलक ? गहलोत vs पायलट की लड़ाई दिल्ली पहुंची

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New Delhi/Alive News : सचिन पायलट राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष हैं. चुनाव में कांग्रेस को जीत मिलने के बाद युवा नेता पायलट के मुख्यमंत्री बनने के कयास लगाए जा रहे हैं. युवा चेहरा और अच्छी शिक्षा की वजह से वे प्रदेश की जनता के पसंदीदा नेता बने हुए हैं. गहलोत खेमा भी दम लगाए हुए है. इसका फैसला अब दिल्ली में राहुल गांधी करेंगे. दोनों नेताओं के समर्थक भी दिल्ली में शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं. गहलोत समर्थक जहां अनुभवी नेता का तर्क दे रहे हैं वहीं पायलट समर्थक युवा नेता को राजस्थान की कमान देने की मांग पर अड़े हैं.

सचिन पायलट 26 की उम्र में ही सांसद बन गए थे. 31 साल में मंत्री और 33 साल में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष. इन्हीं खास विशेषताओं की वजह से वह सीएम की रेस में वो आगे हैं. हालांकि, गहलोत और पायलट में किसके नाम पर फैसला होगा, इस पर पायलट खुद मानते हैं कि जो किस्मत में लिखा है उसे कोई छीन नहीं सकता, जो नहीं लिखा वो हो नहीं सकता.

राजस्थान में आगे उन्हें कैसा रोल मिलने वाला है, इस बारे में वे कभी कह चुके हैं कि भविष्य के बारे में वे नहीं जानते, लेकिन पार्टी को उस जगह तक जरूर ले आए हैं, जहां हम सरकार बनाने की स्थिति में हैं. इस बात से साफ है कि पायलट कहीं न कहीं सीएम पद की आकांक्षा जरूर रखते हैं.

छोटी- सी उम्र में सार्वजनिक जीवन में खूब नाम कमाने वाले सचिन पायलट अभी प्रदेश के दिग्गज नेताओं में से एक हैं. कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के करीबी रहे राजेश पायलट के बेटे सचिन ने शुरुआती पढ़ाई दिल्ली और उसके बाद अमेरिका में की. उनकी शुरुआती शिक्षा नई दिल्ली के एयरफोर्स बाल भारती स्कूल में हुई. इसके बाद उन्होंने दिल्ली से ही कॉलेज की पढ़ाई की. उन्होंने बीए ऑनर्स (इंग्लिश) की डिग्री दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से की.

उसके बाद पायलट एमबीए की पढ़ाई के लिए अमेरिका चले गए, जहां उन्होंने दुनिया के टॉप यूनिवर्सिटी में से एक पेंसिलवेनिया विश्वविद्यालय के व्हॉर्टन स्कूल से पढ़ाई की. जब सचिन पढ़ाई कर रहे थे उसी दौरान एक सड़क हादसे में उनके पिता राजेश पायलट की मौत हो गई थी. सेंट स्टीफंस कॉलेज से पढ़ाई पूरी करने के बाद और अमेरिका जाने से पहले उन्होंने गुड़गांव (अब गुरुग्राम) में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में ढाई-तीन साल काम भी किया. उन्होंने कई इंटरव्यू में यह बताया है कि उन्होंने एमबीए के बाद की बड़ी-बड़ी योजनाएं बनाई थीं, लेकिन बहुत कुछ बहुत जल्द बदल गया.

सचिन पायलट ने प्रेम विवाह किया है. उनकी पत्नी का नाम सारा है जो जम्मू- कश्मीर के दिग्गज नेता फारूक अब्दुल्ला की बेटी हैं. पायलट और सारा का पारिवारिक संबंध पहले से था. प्रेम के दौरान इन दोनों ने एक-दूसरे को समझा और फिर 2004 में शादी कर ली. पायलट दो बेटों के पिता भी हैं.

सबसे बड़ी बात यह है कि 26 साल की उम्र में सांसद बनकर पायलट ने भारत के सबसे युवा सांसद होने का तमगा हासिल कर लिया था. 2004 से 2008 तक वे समझदारी के साथ सियासत देखते और समझते रहे. यह दौर उनके लिए गोल्डन फेज बन कर आया क्योंकि 2008 में कांग्रेस जब लगातार दूसरी बार केंद्र में सरकार बनाई तो उन्हें मंत्रिमंडल में संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री बना दिया गया. फिलहाल, वो राजस्थान में कांग्रेस अध्यक्ष और नवनिर्वाचित विधायक हैं.

सचिन पायलट ने प्लेन उड़ाने के लिए पायलट का निजी लाइसेंस लिया है. उन्होंने इसे 1995 में अमेरिका से हासिल किया. इसके अलावा उनकी दिलचस्पी खेलों में भी है. उन्होंने कई राष्ट्रीय शूटिंग प्रतिस्पर्धाओं में दिल्ली की अगुआई की है.

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