Delhi/Alive News : दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर अपने मंत्री सत्येंद्र जैन से दो करोड़ रुपये की घूस लेने के आरोप लगाने वाले आप नेता कपिल मिश्रा अब खुद भी सवालों से घिरते जा रहे हैं. बड़ा सवाल पिछले दो दिन में उनके द्वारा दिए गए बयानों के विरोधाभास से उठ रहा है. मिश्रा के आरोपों की सच्चाई तो जांच के बाद ही सामने आ सकेगी लेकिन इस मुद्दे पर जिस तरह आम आदमी पार्टी में वो अलग-थलग पड़े हैं, उससे उनके दांव के उलटे पड़ने की संभावना ज्यादा बन रही है.

दरअसल कल मंत्रिपद से हटाए जाने के बाद कपिल मिश्रा ने ट्वीट किया था कि वो टैंकर घोटाले को लेकर कल यानी रविवार को बड़ा खुलासा करेंगे लेकिन रविवार को जब वे मीडिया के सामने आए तो उन्होंने टैंकर घोटाले का नाम ही नहीं लिया बल्कि वो सीधे-सीधे केजरीवाल पर अपने मंत्री सत्येंद्र जैन से दो करोड़ रुपये घूस लेने का आरोप लगा गए.

कल ही कपिल मिश्रा ने ट्वीट किया था कि उन्होंने अरविंद केजरीवाल से मुलाकात कर पार्टी के अंदर चल रहे करप्शन की जानकारी मुख्यमंत्री को दी थी और रविवार को वो ये जानकारी जनता के सामने रखेंगे. लेकिन रविवार को तो कपिल ने केजरीवाल पर ही करप्शन के आरोप लगाए ऐसे में सवाल उठता है कि क्या कपिल मिश्रा ये कहने की कोशिश कर रहे हैं कि उन्होंने केजरीवाल से मिलकर उन्हें विस्फोटक जानकारी दी कि मुख्यमंत्री ने दो करोड़ रुपये सत्येंद्र जैन से लिए?

कल कपिल मिश्रा ने खुद ट्वीट किया था कि उन्होंने दिन में केजरीवाल को भ्रष्टाचार से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य दिए जिनका खुलासा कल होगा. सवाल ये है कि आखिर वो महत्वपूर्ण तथ्य हैं क्या? आम आदमी पार्टी और उसके नेता केजरीवाल के बचाव में कपिल की इसी चूक को हाईलाइट कर रहे हैं. आजतक से बातचीत में आप नेता आशुतोष ने भी कपिल मिश्रा के आरोपों के इसी विरोधाभास को उठाया.

क्या अंतिम समय में बदली कपिल ने रणनीति?
कपिल ने केजरीवाल और सत्येंद्र जैन पर दो करोड़ की घूस का सनसनीखेज आरोप तो लगाया लेकिन सवाल उठ रहे हैं कि आखिर टैंकर घोटाले पर उन्होंने कोई खुलासा क्यों नहीं किया? कपिल मिश्रा ने जो आरोप लगाए भी हैं उन्हें भी साबित करना उनके लिए मुश्किल होगा. सवाल उठ रहे हैं कि उन्होंने जिस समय ये दो करोड़ रुपये देखे उसी समय क्यों नहीं आयकर विभाग या दूसरी एजेंसियों को फोन कर केजरीवाल को रंगे हाथ पकड़वा दिया? जिस समय ये कथित लेन-देन हो रहा था क्या उस समय वहां कोई चौथा व्यक्ति भी मौजूद था, जो इसकी तस्दीक कर सके?

कपिल मिश्रा से जब पूछा गया कि उन्होंने कैसे पता किया कि ये रकम दो करोड़ की है तो उन्होंने कहा कि खुद सत्येंद्र जैन ने उन्हें बताया यानी जैन ने उन्हें रकम कितनी है ये तो बता दिया लेकिन ये नहीं बताया कि ये कहां से आई और किस काम के लिए दी गई. सवाल ये भी उठ रहे हैं कि क्या मीडिया में कपिल मिश्रा ने जो खुलासा किया उसी के बारे में वो पिछले दो दिन से बात कर रहे थे या अंतिम समय में उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी?

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