Delhi/Alive News : प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत छह नए एम्स की स्थापना में चार से पांच साल की देरी के लिए नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने सरकार को फटकार लगाई है। इन एम्स को स्थापित करने की आखिरी तय तारीखें अगस्त, 2011 से जुलाई, 2013 के बीच थीं।

मंगलवार को संसद में पेश अपनी रिपोर्ट में कैग ने कहा है कि कार्यान्वयन में शिथिलता की वजह से 140.28 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इन शिथिलताओं में गलत अनुमान, ठेकेदारों को अतिरिक्त भुगतान (39.96 करोड़) और अनुबंधों का खराब प्रबंधन शामिल है।

नए एम्स के 2003 से 2017 के परफॉर्मेस ऑडिट में कहा गया है कि स्वीकृत 42 विभागों में से कई विभागों में काम ही शुरू नहीं हो पाया। साथ ही इन अस्पतालों में 43 से 84 फीसद तक बेड की भी कमी थी। उपकरणों की स्थापना में भी तीन महीने से लेकर 42 महीनों तक की देरी हुई है।

डीएमआरसी को भी फटकारकैग ने मुंडका इंडस्टि्रयल एरिया (एमआइए) स्टेशन का निर्माण करने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) को भी फटकार लगाई है। कैग का कहना है कि कॉरपोरेशन 48.16 करोड़ रुपये के इस खर्च से बच सकता था।

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