Shivni/Alive News : एक परिवार के बच्चे अमरूद व सीताफल के पत्ते खाकर अपना पेट भर रहे हैं। इसका एक वीडियो वायरल हुआ है। अब मामला उजागर होने के बाद अधिकारियों ने वायरल वीडियो में पत्ते खा रहे बच्चे को मानसिक रूप से कमजोर बता दिया है। यह मामला सिवनी जिले के घंसौर के काछीबुधवारा गांव के मरावी परिवार का है।

बुधवारा गांव में एक साल पहले मरावी परिवार के मुखिया रमेश मरावी ने किसी कारणवश आत्महत्या कर ली थी। मुखिया के आत्महत्या करने के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हो गई। रमेश की पत्नी दिव्यांग व बीमारियों से परेशान है। परिवार का बड़ा लड़का 15 साल का नाबालिग अपने भाई और मां की स्थिति को देख रोजगार की तलाश में नागपुर चला गया है। अब इस परिवार में बीमार मां व दिव्यांग भाई और सबसे छोटा 11 साल का एक भाई है।

परिवार के सबसे छोटे बेटे ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से महाराष्ट्र गए भाई ने रुपए नहीं भेजे। इसके कारण मां दोनों बच्चों को छोड़कर कहीं चली गई, दोनों बच्चों ने दो-तीन दिन जैसे-तैसे पानी पीकर तो गुजार लिए लेकिन पेट की पेट की आग के आगे मजबूर होकर दोनों भाइयों ने घर के पास लगे अमरूद और सीताफल के पत्ते खाकर अपना पेट भरा। जब इस बात की भनक आसपास के लोग व ग्रामीणों को लगी तो ग्रामीणों ने तत्काल उन मासूम बच्चों को खाने का सामान और आर्थिक मदद दी।
इनका कहना है

जनपद के अधिकारियों से परिवार के बारे में जानकारी ली गई है। इस परिवार को अनाज की पात्रता उपलब्ध है। जून माह में परिवार ने अनाज राशन दुकान से लिया है। मानसिक रूप से कमजोर बच्चे को फोटो में पत्ते खाते हुए दिखाया गया है। वह सही नहीं है। बच्चे का भाई 10वीं कक्षा में पढ़ रहा है और उसकी मां भी साथ में रहती है।

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