वाईएमसीए ने नवाचार तथा अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए किया NITTTR से समझौता

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Faridabad/Alive News : वाईएमसीए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, ने नवाचार तथा अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए अपनी जारी प्रयासों के अंतर्गत राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण तथा अनुसंधान (एनआईटीटीटीआर), चंडीगढ़ के साथ समझौता किया है। इस समझौते से विश्वविद्यालय को तकनीकी शिक्षा तथा प्रशिक्षण में गुणवत्ता के अपने लक्ष्य में सहयोग मिलेगा।

समझौता ज्ञापन पर कुलपति प्रो. दिनेश कुमार तथा एनआईटीटीटीआर, चंडीगढ़ के निदेशक प्रो. श्याम सुंदर पटनायक ने हस्ताक्षर किये। दोनों पक्षों के बीच समझौते की अवधि तीन वर्षाें की रहेगी और आपसी सहमति से अवधि को बढ़ाया जा सकेगा। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. संजय कुमार शर्मा, अधिष्ठाता प्रो. तिलक राज, प्रो. विक्रम सिंह, विभागाध्यक्ष कम्प्यूटर विज्ञान प्रो. कोमल भाटिया तथा विश्वविद्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने कहा कि एनआईटीटीटीआर, चंडीगढ़ उच्चतर तथा तकनीकी शिक्षा में देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक है और इस समझौते के तहत वाईएमसीए विश्वविद्यालय तकनीकी शिक्षा में उत्कृष्टता का वातावरण सृजित करने का इच्छुक है। यह समझौता कई पहलुओं के अनुरूप अकादमिक तथा औद्योगिक अंतराल को कम करने में भी मददगार होगा। इसके माध्यम से विश्वविद्यालय का लक्ष्य विद्यार्थियों तथा संकाय सदस्यों को मौजूदा औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान करना है तथा इंटरनेट आफ थिंग्स, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, बिग डाटा एनालिसिस तथा वर्चुअल रियलिटी जैसे उभरते क्षेत्रों में कौशल विकास करना है। समझौते से परस्पर सहभागिता के माध्यम से विश्वविद्यालय का विकास होगा और विश्वविद्यालय मौजूदा औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने में सक्षम बनेगा।

समझौते के प्रावधानों के अनुसार दोनों संस्थान परस्पर अकादमिक तथा अनुसंधान गतिविधियों के सहयोग के लिए विज्ञान तथा तकनीकी जानकारी साझा करने के लिए सहमत हुए है, जिसमें स्नातकोत्तर तथा पीएचडी विद्यार्थियों को अकादमिक सहयोग, संकाय सदस्यों के लिए शार्ट टर्म कार्यक्रम, सेमिनार, कार्यशाला, सम्मेलन तथा विद्यार्थियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन शामिल है।

एनआईटीटीटीआर, चंडीगढ़ के निदेशक प्रो. श्याम सुंदर पटनायक ने कहा कि समझौता में दोनों संस्थानों के परस्पर हितों की परिकल्पना की गई है, जो दोनों संस्थानों के उच्चतर शिक्षा में विशेषज्ञता के क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने के प्रयासों को मजबूत करेगा तथा अनुसंधानों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि एनआईटीटीटीआर, चंडीगढ़ द्वारा वाईएमसीए विश्वविद्यालय के पीएचडी शोधार्थियों को अनुसंधान सुविधाएं प्रदान की जायेगी तथा संस्थान पीएचडी शोधार्थियों के कोर्स वर्क को करवाने में अनुसंधान केन्द्र की भूमिका निभायेगा।

संस्थान इंजीनियरिंग, प्रबंधन तथा अन्य तकनीकी कर्मचारियों के लिए भी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन करेगा। उन्होंने बताया कि प्रबंधन के संकाय सदस्यों तथा विद्यार्थियों के लिए आईआईएम स्तर के प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए भी प्रयास किये जायेंगे।

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